अंतर्राज्यीय बस अड्डा में राजस्व अमले ने सभी दुकानों को सील किया
अंबिकापुर। अंतर्राज्यीय बस अड्डा में स्थित नगर पालिक निगम के स्वामित्व की आठ दुकानों को राजस्व अमले ने लंबे समय से प्रीमियम की पूरी राशि नहीं पटाने के कारण सील कर दिया है। दुकानों को सील करने की औचक की गई कार्रवाई से दुकान संचालकों में हड़कम्प मच गया। बताया जा रहा है कि दुकान संचालकों पर प्रीमियम राशि का बकाया लगभग 70 लाख रुपये है। दुकान प्राप्त लोगों के द्वारा शेष प्रीमियम राशि के भुगतान में रुचि नहीं ली जा रही थी। ऐसे में निगम प्रशासन की ओर से इन दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।
जानकारी के मुताबिक नगर पालिक निगम के आयुक्त ने निगम के स्वामित्व की दुकानों का प्रीमियम राशि भुगतान नहीं करने वालों से शेष राशि वसूलने और रकम भुगतान नहीं करने की स्थिति में संबंधित दुकानों को यथास्थिति में सील करने का निर्देश दिया है। इसी तारतम्य में 19 जनवरी को राजस्व अधिकारी निलेश केरकेट्टा, सहायक राजस्व अधिकारी विजय कुजूर, शशांक दुबे व शिवेन्द्र बहादुर सिंह टीम के साथ अंतर्राज्यीय बस अड्डा पहुंच कर यहां स्थित निगम के स्वामित्व की दुकानों में लम्बे समय से काबिज रहकर प्रीमियम की राशि भुगतान नहीं करने वालों की सुध लिए। सीलिंग की कार्रवाई दौरान सामने आया कि अंतर्राज्यीय ‘प्रतीक्षाÓ बस स्टैंड के भूतल और प्रथम तल में 14 दुकानों का आबंटन निर्धारित किए गए प्रीमियम राशि से अधिक में प्राप्त करने के बाद संबंधितों के द्वारा पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया था।
बकायादारों से निगम को लेनी है यह राशि
बकायादारों में दिनेश्वर प्रसाद सोनी का 3 लाख 72 हजार 150 रुपये, मुरारी यादव का 3 लाख 68 हजार 400 रुपये, पंकज चौधरी का 5 लाख 52 हजार रुपये, जयश्री विजय का 5 लाख 54 हजार रुपये, नीरज साहू का 5 लाख 55 हजार रुपये, जयश्री विजय का 5 लाख 54 हजार रुपये, क्षितिज प्रजापति का 2 लाख 68 हजार 850 रुपये, मानमति देवी का 2 लाख 69 हजार 950 रुपये, अभिषेक सोनी का 5 लाख 74 हजार रुपये, राकेश सोनी का 5 लाख 75 हजार रुपये, सतपाल सिंह का 3 लाख 77 हजार 400 रुपये, इन्द्रपाल सिंह का 3 लाख 77 हजार 25 रुपये, अशोक सिंह का 4 लाख 89 हजार 400 रुपये, अतहर हुसैन का 11 लाख 97 हजार 524 रुपये शेष लेना है।

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