पर्यावरण का विनाश करके खोली जा रही खनन परियोजनाओं पर रोक लगाने आमसभा, रैली में भरी हुंकार

अंबिकापुर। पांचवीं अनुसूची अंतर्गत आने वाले सरगुजा में ग्रामसभाओं के विरोध को दरकिनार करके जल-जंगल-जमीन और पर्यावरण का विनाश करके जबरन खोली जा रही खनन परियोजनाओं पर रोक लगाने शहर के बीटीआई मैदान में आमसभा करके शासन-प्रशासन को ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों ने ललकारा और रैली निकाल कर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान हसदेव-मैनपाट सहित संभाग के अन्य जिले में उद्योग स्थापना, कोल खनन के नाम पर चल रही पर्यावरण की विनाशलीला को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। खामोसी अब तोड़नी होगी, जुल्म का गर्दन मरोड़ना होगा नारे लगाए।
छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ने कहा कि सरगुजा संभाग संविधान की पांचवी अनुसूची में शामिल है। पंचायत उपबंध में समुदाय के संसाधनों, रुढ़िगत परम्पराओं और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और परिरक्षण के लिए ग्रामसभा को सक्षम बनाया गया है। कानून की धारा में अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के पूर्व ग्रामसभा से अनिवार्य परामर्श का प्रावधान करता है। यह भूमि अधिग्रहण के सभी केंद्रीय कानूनों और विधियों पर लागू है। भूमि अधिग्रहण कानून अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण अंतिम विकल्प और अनिवार्य ग्रामसभा सहमति का प्रावधान है। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ में राजस्थान राज्य विद्युत निगम उत्पादन लिमिटेड की परसा, केते एक्सटेंशन, एसईसीएल की मदननगर, अमेरा विस्तार सहित रायगढ़ और कोरबा जिलों की खनन परियोजनों के लिए कोल बेयरिंग एक्ट 1957 के तहत ग्रामसभा से सहमति लिए बिना ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है, जिससे आदिवासी समुदाय के संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इसी तरह वनाधिकार मान्यता कानून 2006 के तहत वन भूमि के व्यपवर्तन पूर्व वनाधिकारों की मान्यता प्रक्रिया की समाप्ति और ग्रामसभा की लिखित सहमति का अनिवार्य प्रावधान है। प्रावधान का खनन कंपनियों और जिला प्रशासन के द्वारा लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। हसदेव के परसा कोल ब्लॉक में ग्रामसभा के फर्जी प्रस्ताव बनाकर वन स्वीकृति हासिल की गई। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच प्रतिवेदन में भी ग्रामसभा प्रस्ताव फर्जी और कूटरचित पाए गए। इसके वाबजूद पुलिस बल लगाकर पेड़ों की गैरकानूनी रूप से कटाई की जा रही है। ऐसी अंधी सरकार उन्होंने अपने जीवन में नहीं देखी, जो सारे कानूनों को दरकिनार करके उद्योगपतियों का मार्ग प्रशस्त कर रही हो। इस दौरान भानू प्रताप सिंह, त्रिभुवन सिंह, प्रितपाल सिंह, अनन्त सिन्हा, जितेन्द्र सोनी, प्रशांत सिंह चीकू, थेओदार लकड़ा, राजेन्द्र बहादुर सिंह, मुरारी गुप्ता, एसआर बुनकर, अमृत, संतोष किस्पोट्टा, आनन्द, चरणप्रीत, सुजान बिंद, देवमति सरूता, रवि सिंह सहित काफी संख्या में हसदेव, मैनपाट बचाओ आंदोलन, संघर्ष समिति, छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन से जुड़े लोग और सरगुजा संभाग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न राज्यों से आए ग्रामीण, बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
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दरारों से पटा रामगढ़ पहाड़, लाखों पेड़ कट गए
हसदेव अरण्य जैसे जैव विविधता से परिपूर्ण पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र के विनाश से मिनी माता हसदेव बांगो बांध के अस्तित्व पर संकट आ चुका है, मानव और हाथियों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। सैकड़ों लोग हाथी से कुचलकर मारे जा चुके हैं। वर्ष 2021 में मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान ने सम्पूर्ण हसदेव क्षेत्र को खनन से मुक्त रखने की अनुशंसा की है। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने जुलाई 2022 को सर्वसम्मति से सभी खदानें निरस्त करने का संकल्प पारित किया है, वाबजूद इसके छत्तीसगढ़ सरकार ने नई केते एक्सटेंशन खनन परियोजना के लिए अनुशंसा जारी कर दी है। वर्तमान में संचालित खदानों में भयानक विस्फोट के कारण प्राचीन धार्मिक आस्था एवं पुरा महत्व का स्थल रामगढ़ पहाड़ दरारों से पट गया है। नई केते एक्सटेंशन खदान चालू करने के लिए छह लाख से अधिक पेड़ कटेंगे और सम्पूर्ण रामगढ़ का विनाश होगा।
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पर्यावरण के साथ जल संकट का खतरा मंडरा रहा
प्राकर्तिक सौंदर्य और पर्यटन के क्षेत्र मैनपाट में बाक्साइट की नई खदानों की अनुमति दी जा रही है। इससे न सिर्फ मैनपाट का अस्तित्व खत्म होगा बल्कि अंबिकापुर शहर में पानी गंभीर संकट पैदा होगा। जिस पैमाने पर खनन परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है, इससे सरगुजा संभाग सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में जंगलों का भारी विनाश हो रहा है, हमारी जीवनदायिनी नदियां सूख रहीं हैं। जैव विविधता और जीव-जंतु विलुप्त होने के कगार पर हैं। जनजीवन प्रदूषण के दुष्प्रभाव और स्वास्थ संबंधी समस्याएं झेलने को मजबूर हैं। खनन प्रभावित ग्रामीण आदिवासी, किसान, मजदूर, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बुद्धिजीवी नागरिकों ने एक बार पुन: आग्रह किया है कि तत्काल ही जंगलों कटाई पर रोक लगाने का आदेश सरकार दे।
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विधानसभा के संकल्प और भारतीय वन्य जीव संस्थान की अनुशंसा का करें पालन
पूर्व आयोग अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का संकल्प और भारतीय वन्य जीव संस्थान की अनुशंसा का पालन करते हुए हसदेव अरण्य में नई केते एक्सटेंसन कोल ब्लॉक के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गई वन एवं पर्यावरणीय अनुशंसा के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जन जाति आयोग की अनुशंसा पर कार्रवाई करते हुए हसदेव के परसा कोयला खदान में पेड़ों की कटाई को रोका जाए एवं वन स्वीकृति निरस्त की जाए। ग्रामसभा की सहमति लिए बिना एसईसीएल की मदनपुर खुली खदान परियोजना एवं अमेरा विस्तार परियोजना की भूमि अधिग्रहण तत्काल निरस्त किया जाए। ग्राम मदननगर में जबरन किए जा रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को बंद किया जाए। ग्राम घाटबर्रा के ग्रामीणों की सहमति अनुरूप पुनर्वास बिना परसा ईस्ट केते बासेन खनन परियोजना को आगे बढ़ने से रोका जाए। व्यापक सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर और लेमरू हाथी रिजर्व से हसदेव की खदानों से सड़क मार्ग से जारी कोयला परिवहन को तत्काल बंद किया जाए। परसा पेड़ कटाई के दौरान लक्ष्मणगढ़ निवासी मृतक कमलेश सिद्धार्थ को बैधानिक शासकीय मदद की जाए। धनबाद भारत माला सड़क परियोजना में जशपुर जिला प्रभावित किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के पुनर्वास नीति का पालन किया जाए।
ग्रेफाइट सर्वेक्षण का कार्य बंद किया जाए
छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की गई है कि बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर तहसील अंतर्गत ग्राम सुरसा, शारदापुर, बड़कगांव, भगवानपुर, इंजानी, गिरवरगंज, बसेरा, मुरका कपिलदेव, शंकरपुर में जारी ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य बंद किया जाए। मैनपाट में बाक्साइट खनन परियोजना को निरस्त कर वहां की इकोलॉजी को संरक्षित करते हुए ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर मिले। खनन परियोजनाओं के शांतिपूर्ण विरोध को कुचलकर ग्रामीणों के ऊपर दर्ज किए गए फर्जी आपराधिक मुकदमे वापस लिए जाएं। पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में किसी भी परियोजना की स्वीकृति के पूर्व ग्रामसभाओं से पूर्व संसूचित सहमति के प्रावधान का कड़ाई से पालन किया जाए। वनाधिकार मान्यता कानून का पालन करते हुए आदिवासियों और अन्य परम्परागत वन निवासियों को उनकी वन भूमि से बेदखली बंद की जाए। वर्तमान में संचालित खनन परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण नियमों का कड़ाई के पालन किया जाए एवं सिर्फ स्थानीय युवाओं को स्थाई रोजगार दिया जाए।

ट्रिपल इंजन की सरकार ने शहर से गुजरी एनएच की सड़कों के गड्ढों में मलबा तक नहीं डाला
राष्ट्रीय राजमार्ग के नवीनीकरण, रिपेयरिंग की मांग को लेकर देवीगंज रोड में चक्काजाम

अंबिकापुर। शहर के अंदर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों के नवीनीकरण और रिपेयरिंग की मांग को लेकर शुक्रवार को युवा कांग्रेस के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष शुभम जायसवाल के नेतृत्व में देवीगंज रोड पर सांकेतिक चक्काजाम किया गया। अंबिकापुर शहर के अंदर से गुजरने वाली मनेन्द्रगढ़ रोड, देवीगंज रोड, सदर रोड, रामानुजगंज रोड, स्कूल रोड, खरसिया रोड राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के रख-रखाव के दायरे में आते हैं, जो मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी के विभाग से संबंधित है। पिछले 12 वर्ष से जबसे केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी है तबसे न तो इन सड़कों का नवीनीकरण हुआ है न ही रिपेयरिंग का काम हुआ है। हाल ही में इन सड़कों के रिपेयरिंग का गुणवत्ता हीन कार्य हुआ था, जो मात्र झाड़ू लगाने से उखड़ गया था।
पूर्व में निगम में कांग्रेस सत्तारूढ़ थी तो निगम अपने खर्च से इन सड़कों को कम से कम इस योग्य रखती थी कि जनता को ज्यादा परेशानी न हो, लेकिन तथाकथित ट्रिपल इंजन की सरकार बनने के बाद इन सड़कों के गड्ढों में मलबा तक नहीं डाला गया। बरसात में इन सड़कों के पानी भरे गड्ढों ने नागरिकों को परेशान किया तो अब धूल-धूसरित सड़कें आम लोगों का स्वास्थ्य खराब कर रही है। बरसात के प्रारंभ से ही कांग्रेस और उसके अनुसांगिक संगठनों के द्वारा सड़कों के नवीनीकरण की मांग को लेकर 6 बार चक्काजाम एवं अन्य आंदोलन किए गए, लेकिन नागरिकों की समस्याओं के प्रति भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार संवेदनहीन रवैया अख्तियार कर लिया। चक्काजाम के दौरान चंद्रप्रकाश सिंह, निकी खान, अमित सिन्हा, अमित सिंह सहित युवा कांग्रेस के राहुल सोनी, अनिकेत गुप्ता, शिफतैन, रोहन, अतुल, मनीष, रवि समीर, साहिल, अनुग्रह, आदित्य, मुकेश गुप्ता, राहुल होलू, पवन, सालिक, हर्षवर्धन, सद्दाम, अक्षत, आशुतोष, अनमोल, सक्षम, ओम, राज बंगाला, भोलू, प्रिंस, सुमित रावत, मन्नू, अभिलाष, रेहान, आकाश सिंह, प्रियांशु, रवि मिश्रा, शशि सोनी, सुमित सोनी, जैकी, अभय, लकी, वली, आर्यमान, अंकुश, समीर बोस सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।  
10 दिनों के बाद युवा कांग्रेस करेगा उग्र आंदोलन
देवीगंज रोड पर चित्रमंदिर के सामने चक्काजाम आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष और पार्षद शुभम जायसवाल ने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार सड़कों का निर्माण करने के बजाय तारीख पे तारीख दे रही है। यहां के सांसद, विधायक और महापौर ने शहर की जनता को आश्वासन दिया था कि दीपावली के बाद 15 अक्टूबर से सड़कों का काम प्रारंभ होगा और शहर की सड़कों को चकाचक कर दिया जाएगा, लेकिन 15 अक्टूबर की तारीख के तीन माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्य नहीं हुआ है। केंद्रीय सड़क और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भेजे ज्ञापन में युवा कांग्रेस ने कहा है कि 10 दिनों के अंदर शहर की सड़कों का नवीनीकरण नहीं हुआ तो युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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