बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता – उपाध्यक्ष श्री मनहरे

महासमुंद ,

छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे ने जिला मुख्यालय स्थित अनुसूचित जाति के प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के रहन-सहन, खानपान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष मनहरे ने बच्चों के साथ बैठकर उनकी पढ़ाई-लिखाई और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर आत्मीय चर्चा की। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के उनसे खुलकर बातें कीं। छात्रावासों में हंसी-खुशी और पारिवारिक माहौल देखकर उपाध्यक्ष ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना ही चाहिए। उपाध्यक्ष श्री मनहरे ने अधीक्षक ऋतु चंद्राकर, चित्ररेखा तारक और खंड प्रभारी नीलेश खांडे से चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना हम सभी की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें कहीं भी कोई चूक नहीं होनी चाहिए।

छात्रावास एक परिवार की तरह है और ये हमारे अपने बच्चे हैं। इसलिए छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण और विद्यार्थियों के हितों एवं सुरक्षा का संरक्षण आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इसी उद्देश्य के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनसेवा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। इस अवसर पर अरविंद प्रहरे और मेघराज चंद्रसेन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Spread the love