पुलिस ने केस दर्ज किया, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पुन: हुआ मेडिकल परीक्षण

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना अंतर्गत 4-5 मोटरसायकल में सवार युवकों के द्वारा दो नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। शादी समारोह से सहेलियों के साथ घर लौटते वक्त आधा दर्जन से अधिक आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। दो अन्य नाबालिग इनके चंगुल से निकल कर भाग गईं। पुलिस ने मामला संज्ञान में आने के बाद किशोरियों का सीतापुर स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकीय परीक्षण कराया, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में बुधवार को पुन: दोनों पीड़िताओं का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध सामुहिक दुष्कर्म तथा लैंगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज किया है, और अग्रिम जांच, कार्रवाई करते हुए आरोपियों को तलाश करने की बात कह रही है।
जानकारी के मुताबिक, सीतापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 24 अप्रैल की रात एक घर में वैवाहिक समारोह था। चार नाबालिग लडकियां मोहल्ले में आयोजित शादी समारोह देखने के लिए शाम करीब 7 बजे गई थीं। रात लगभग 10 बजे शादी समारोह से पैदल वापस लौटते समय गांव के स्कूल के पास 4-5 मोटरसाइकिलों में सवार युवकों ने इन्हें गलत मंशा से घेर लिया। युवकों की बदनीयति को भांपकर एक नाबालिग मौके से भाग गई, तीन को युवकों ने पकड़ लिया था, और इन्हें बलपूर्वक ले जाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान 13 वर्ष की एक नाबालिग जिसे बाइक पर पीछे बैठाकर ले जा रहे थे, वह मौका देखकर रास्ते में बाइक से कूदकर भागने लगी। युवकों ने काफी दूर तक उसका पीछा किया, लेकिन वह खेतों के रास्ते से भागने में सफल हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के चंगुल में रही किशोरियों में से एक ने खेत में, दूसरी ने एक घर में ले जाकर हैवानियत करने का आरोप लगाया है। दुष्कर्म पीड़िताएं घटना के बाद देर रात घर लौट आई, लेकिन डर से घटना की जानकारी स्वजन को नहीं दी। 25 अप्रैल की शाम को एक पीड़िता ने घटना से स्वजन को अवगत कराया, इसके बाद 26 अप्रैल को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि, गंभीर घटना के बाद भी पुलिस ने त्वरित चिकित्सकीय परीक्षण नहीं कराया। इन्हें अगले दिन आने कहा गया। वहीं पुलिस का कहना है कि घटना 24 अप्रैल की है, और 26 अप्रैल को चार लड़कियों ने सीतापुर थाने में आकर घटना की जानकारी दी थी। पूछताछ के बाद इनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था, और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है।
एक खेत में छिपी, दूसरी बाइक से कूदकर भागी
जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग का कहना है कि, शादी से लौट रही नाबालिगों को डरा-धमकाकर 4-5 बाइक में पहुंचे युवकों के द्वारा बैठाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। घटना के दौरान एक लड़की भागकर खेत में छिप गई थी। दूसरी बाइक से कूदकर भागी, जो चोटिल भी हुई है। विरोध पर आरोपियों ने झापड़ मारकर चिल्लाने पर जान से मार देने की धमकी दी थी। वहीं बाइक से कूदकर भागी लड़की का आरोपियों ने ग्राम मंगारी तक पीछा किया था। इसके बाद वह पूरी रात एक शिक्षक के घर में बिताई और फोन करके घटना की जानकारी अपने चाचा को दी थी। इसके बाद चाचा उसे लेकर थाना पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। जिपं सदस्य ने बताया कि, दुष्कर्म पीड़िताएं पेट दर्द से परेशान थीं और रो रही थीं। घर वालों को घटना की जानकारी मिलने पर 26 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराने वे स्वजन के साथ थाने पहुंचीं। जिला पंचायत सदस्य ने कहा 13-14 साल की बच्चियों के साथ हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करके एमएलसी कराना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। दोनों लड़कियां घटना के बाद से मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा मामले में दबाब बढ़ने पर पुलिस दुष्कर्म का मामला दर्ज की है। एमएलसी में सीतापुर अस्पताल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होना समझ से परे है।
संदेह होने पर पुन: कराया गया चिकित्सकीय परीक्षण
सीतापुर थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि, 26 अप्रैल को लड़कियां थाने आई थीं, और शादी समारोह से वापस आते वक्त पहाड़ के नीचे गांव में मोटरसायकल में सवार होकर पहुंचे युवकों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने की जानकारी दी। इनके द्वारा एक के साथ खेत में और एक को घर में ले जाकर घटना को अंजाम देना बताया गया है। सीतापुर स्वास्थ्य केन्द्र में इनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, लेकिन घटना की पुष्टि नहीं हुई है। सही मेडिकल नहीं होने के संदेह पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में इनका चिकित्सकीय परीक्षण पुन: हुआ है। पुलिस ने मामले में 26 अप्रैल को तीन नामजद सहित एक अन्य युवक के खिलाफ धारा 70(2) बीएनएस और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज किया है।
बयान
महिला उत्पीड़न के मामले में थाना सीतापुर में 26 अप्रैल को प्रार्थिया की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया है। प्रकरण में साक्ष्य का संकलन किया जा रहा है। पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, और एक आरोपी व विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया है। मामले में अग्रिम वैधानिक जांच, कार्रवाई जारी है।
अमोलक सिंह ढिल्लो, एएसपी सरगुजा

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