बलरामपुर। जिले में एक पिता बीते एक माह से अपनी लापता बेटी के तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। पिता की आंखों से बहते आंसू और बेटी को पुकारती उसकी आवाज आज भी न्याय और उम्मीद की तलाश में भटक रही है।
रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की बेटी 20 फरवरी की सुबह लगभग 10 बजे नवीन महाविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। देर रात तक इंतजार के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। अगले ही दिन पिता ने रघुनाथनगर थाने में इसकी सूचना दी। परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करते हुए रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पिता का कहना है कि उन्होंने न केवल थाना तक गुहार लगाई, बल्कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर जाकर बेटी को तलाशने की मांग की, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। उन्होंने अपने आवेदन में कुछ संदिग्धों के नाम का भी उल्लेख किया है। पिता का कहना है कि संदेहियों का नाम सामने लाने के बाद भी पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे वे हताश हंै। इस परिवार के लिए पवित्र रमजान का महीना भी गमगीन रहा। सभी ईद की खुशी मनाने में मशगूल थे, वहीं यह परिवार बेटी की याद में आंसू बहाता रहा। रोजा रखे पिता ने अपनी बेटी की तलाश जारी रखी और भटकते रहे, लेकिन इनकी उम्मीदें अभी अधूरी हैं। पीड़ित पिता अपनी बेटी को सही सलामत खोज निकालने की गुहार लगा रहे हैं।
बयान

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