अंबिकापुर। जिले में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मॉक ड्रिल अभ्यास (बाढ़ बचाव) का आयोजन किया जा रहा है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक कैलेंडर वर्ष 2025-26 अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिला स्तरीय मॉक ड्रिल अभ्यास (बाढ़ बचाव) का मुख्य आयोजन आज 17 जनवरी को प्रात: 11 बजे घुनघुटा बांध, ग्राम लिबरा, तहसील दरिमा में किया जाएगा। मॉक अभ्यास में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के साथ जिला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा अन्य बचावकर्ता दलों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
समन्वय एवं तैयारियों को लेकर टेबल टॉप बैठक
मॉक अभ्यास से पूर्व आज जिला पंचायत सभाकक्ष में अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक की अध्यक्षता में टेबल टॉप अभ्यास एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर पवन जोशी, सब-इंस्पेक्टर अभिजीत साहू सहित सभी संबंधित विभागों के नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक दौरान मॉक अभ्यास की रूपरेखा, आपसी समन्वय तथा विभागवार दायित्वों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि 03 वाहिनी एनडीआरएफ, मुण्डली (कटक, ओडिशा) से 20 से 25 बल सदस्यों की एक टीम मॉक ड्रिल अभ्यास दौरान जिले में रहकर तकनीकी, व्यवहारिक सहयोग प्रदान करेगी।
नोडल अधिकारी ने विभागों को सौंपे दायित्व
अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने सभी संबंधित विभागों को मॉक अभ्यास के सफल आयोजन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वन विभाग बांस-बल्ली की व्यवस्था करेगा। जिला सेनानी सरगुजा द्वारा गोताखोर, प्रशिक्षित तैराक, नाव एवं मोटर बोट, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा जाल, रस्सी, सीढ़ी, ईंधन, एनडीआरएफ टीम के आवास तथा लॉजिस्टिक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसी प्रकार जल संसाधन संभाग अंबिकापुर द्वारा शुद्ध पेयजल, जनपद पंचायत अंबिकापुर द्वारा पंडाल, टेंट एवं माइक व्यवस्था, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा चिकित्सा सुविधा एवं एम्बुलेंस उपलब्ध कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी एवं पी.जी. कॉलेज अंबिकापुर के प्राचार्य द्वारा एनसीसी के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

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