बीकॉम विभाग की सुस्ती से 7वें सेमेस्टर के छात्रों का भविष्य दांव पर
अंबिकापुर। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण बीकॉम ऑनर्स 7वें सेमेस्टर के सैकड़ों छात्र गहरे संकट में हैं। विभाग ने छात्रों को वैल्यू एडेड कोर्स विषय ‘कम्युनिटी इंगेजमेंट एंड सोशल रिस्पांसबिलिटीÓ का प्रोजेक्ट बनाने का निर्देश मुख्य परीक्षा शुरू होने से मात्र चार दिन पहले दिया, जबकि विभाग के पास यह सूचना लिखित दस्तावेज के रूप में 6 माह पूर्व ही उपलब्ध थी।
छात्रों ने प्राचार्य को सौंपे गए शिकायत पत्र में बताया कि ऑटोनॉमस विभाग द्वारा प्रोजेक्ट वर्क की अनिवार्यता की जानकारी संबंधित दस्तावेजों के साथ वाणिज्य विभाग को लगभग छह महीने पहले ही प्रदान कर दी थी, इसके बावजूद, विभागाध्यक्ष और विभाग ने जान-बूझकर छात्रों को इस आवश्यक सूचना से वंचित रखा, जिसके कारण अब परीक्षा की तैयारी के निर्णायक समय में छात्रों पर प्रोजेक्ट का अतिरिक्त दबाव आ गया है। छात्रों की मुख्य परीक्षाएं 03.12.2025 से प्रारंभ हो रही हैं। छात्र असमंजस में हैं कि वे परीक्षा की तैयारी करें या आनन-फानन में अनिवार्य प्रोजेक्ट को पूरा करें।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की जानकारी मिलते ही आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने छात्रों के साथ प्राचार्य से मुलाकात की और बीकॉम विभाग की लापरवाही को उजागर किया। रचित मिश्रा ने प्राचार्य को संबोधित करते हुए कहा कि जब ऑटोनॉमस विभाग द्वारा 6 माह पूर्व लिखित दस्तावेज में बीकॉम डिपार्टमेंट को इस बात की जानकारी दे दी गई थी कि छात्रों को ‘कम्युनिटी इंगेजमेंट एंड सोशल रिस्पांसिबिलिटीÓ का प्रोजेक्ट बनाना है, तब भी 6 महीने तक इसकी छात्रों को कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने विभाग पर छात्रों को जान-बूझकर गुमराह करने और सूचना से वंचित रखने का आरोप लगाया। उन्होंने बीकॉम डिपार्टमेंट द्वारा लगातार छात्रों को आधी-अधूरी जानकारी देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है, और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान नीतीश भाई पटेल, विकास, अंजलि, रवि, अमन, गुरप्रीत, श्रेयांश उपस्थित रहे।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन
प्राचार्य ने इस पर तत्काल हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, आगे से इस प्रकार का कोई भी गलती नहीं होगी और छात्र हित का ध्यान रखते हुए कड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर त्वरित कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया।

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