अंबिकापुर। कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर लगातार भ्रम फैलाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और तथ्यहीन है। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के द्वारा यह आरोप लगाना कि कथित ‘चिन्हांकितÓ या ‘विशेषÓ लोगों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची में नहीं जोड़े जा रहे, न सिर्फ निराधार है, बल्कि निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करने वाला राजनीतिक प्रयास भी है।
उक्त बातें भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने जारी बयान में कही है। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित होती है। इसमें सबसे पहले ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होती हंै। इसके बाद 30 दिनों तक प्रत्येक पात्र नागरिक को फार्म 6 के माध्यम से नाम जोड़ने, फार्म-7 से आपत्ति लगाने और फार्म-8 से विवरण संशोधन करने का अधिकार दिया जाता है। बीएलओ के सत्यापन तथा ईआरओ द्वारा दस्तावेज आधारित निर्णय के बाद ही नाम जोड़ा या संशोधित किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी राजनीतिक दल या नेता के हस्तक्षेप की कोई संभावना नहीं है। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा बिना किसी तथ्य, वार्ड, अधिकारी या दस्तावेज़ का उल्लेख किए आरोप लगाना चुनाव आयोग और उसके कर्मियों की निष्ठा पर संदेह उत्पन्न करता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है। भारत सिंह सिसोदिया ने टीएस सिंहदेव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि  कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया से क्यों डर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में ऐसे लोगों तक को मतदाता सूची में शामिल कराया गया, जिनका 2003 के रिकॉर्ड में कहीं उल्लेख नहीं है। जब व्यवस्थित सत्यापन हो रहा है, तो कांग्रेस को भय है कि उसके द्वारा प्रायोजित फर्जी वोटर्स सामने आ जाएंगे। इसी वजह से भ्रम फैलाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का जनाधार खिसक चुका है, पार्टी कमजोर हो चुकी है, भाजपा के कार्यकर्ता एसआईआर के महाभियान को सफल बनाने में समर्पित भाव से जुटे हुए हैं, ऐसे में कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में आ गया है और इनके नेता हताश होकर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रामक बयानों से दूर रहें। अपने आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें, बीएलओ को सत्यापन में सहयोग करें, और यदि ड्राफ्ट सूची में नाम न मिले तो निर्धारित समयावधि में फार्म-6 भरकर अपना नाम अवश्य जोड़वाएं। भाजपा का स्पष्ट मत है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, परंतु समाज को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने की प्रवृत्ति को जनता समझती है। निर्वाचन प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन पूरी तरह पारदर्शी है, इस पर अनावश्यक अविश्वास उत्पन्न करना लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सीधा प्रहार है, जिसकी भाजपा कड़ी निंदा करती है।

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