पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा-भाजपा की सरकार ने गौठान बंद करके लिया क्रूर निर्णय
अंबिकापुर। कोठीघर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गौ वंश की सुरक्षा के लिए गौठानों की व्यवस्था करने का संकल्प लिया गया और प्रदेश में 10 हजार 800 गौठान स्थापित किए गए। इसका मकसद ऐसे पशुओं को गौठानों में रखना था, जिन्हें आवारा छोड़ दिया गया हो। गौठानों में ऐसे गौ वंश की देखभाल हो रही थी, भाजपा की सरकार सत्ता में आने के बाद इन गौठानों को बंद कर दी। पौने दो वर्ष में 850 से अधिक गाय सड़कों पर कुचल कर मारी गइंर्। 1200 से अधिक गाय भूख से चारा-पानी के अभाव में मारी गई। 200 से अधिक गायों की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। यही नहीं भाजपा सरकार के राज में गायों की तस्करी भी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले पौने दो सालों में प्रदेश के शहर और ग्रामीण इलाके से 40 फीसदी पशुधन गायब हो गए। अमूमन 5 लाख पशुधन कहां गए, इसका स्पष्टीकरण सरकार को देना चाहिए।
टीएस सिंहदेव ने आगे कहा कि गौ वंश भूख, दुर्घटना से मर रही हंै, भाजपा की सरकार बनने के बाद बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए कांग्रेस सरकार के द्वारा चलाई जा रही गौठान योजना और गोबर खरीदी योजना को बंद कर देना समझ से परे है। गोठान बंद करके सरकार ने अघोषित रूप से एक बेहद ही क्रूर निर्णय लिया और गौ वंश की तस्करी को बढ़ावा देने शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि 2023 में लगभग 14 लाख गोवंश का राज्य में कांग्रेस की सरकार के समय 10 हजार 800 गोठानों में व्यवस्थापन होता था, उनके चारे पानी की व्यवस्था होती थी। गायों की मौत के मामले में कांग्रेस ने अभी तक 6 कमेटियां बनाई हंै, उनकी रिपोर्ट और हमने जो अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव वालों से चर्चा कर जानकारी एकत्रित की, वह बहुत ही चौंकाने वाली वाली और दुखद है। दो साल में गांवों और शहरों में पशुओं की संख्या 40 फीसदी तक घट गई है। अर्थात राज्य से पिछले दो सालों में लगभग 5 लाख से अधिक गौ वंश गायब हो गए। दुर्घटना से मरने वाली, भूख से मरने वाली गायों की संख्या लगभग 2 हजार से ढाई हजार है, फिर ये लगभग 5 लाख गाय कहां गई? सीधा मतलब है इन्हें तस्करी करके यूपी महाराष्ट्र के स्लाटर हाउस पहुंचा दिया गया। सरकार ने गोठान बंद कर दिया विकल्प के तौर पर पहले गौ अभ्यारण्य बनाने की बात की गई, फिर गौ धाम बनाने का निर्णय हुआ लेकिन न गौ अभ्यारण्य बनाया गया और न ही गौ धाम बनाया गया। दिखावे के लिए गौ धामों में चारा के लिए राशि की घोषणा भी सरकार की, प्रति पशुधन 10 रुपये, प्रतिदिन चारा के लिए आवंटन की बात की गई इतने में कौन सा चारा आएगा, ये तो वे ही बता सकते हैं। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, अजय अग्रवाल, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, शफी अहमद, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, डॉ. जेपी श्रीवास्तव, इन्द्रजीत सिंह धन्जल, अनूप मेहता, मो. इस्लाम सहित अन्य उपस्थित रहे।
सरकार बीफ निर्यात से हर साल 4.3 डालर कमा रही
टीएस सिंहदेव ने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद भारत, ब्राजील के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीफ निर्यातक देश बन गया। बीफ निर्यात करके मोदी सरकार हर साल 4.3 अरब डॉलर कमा रही है। 2014 के बाद भाजपा की मोदी सरकार की नीतियों के कारण भारत दुनिया के 65 देशों में बीफ निर्यात कर रहा है। भाजपा शासित राज्यों में देश के सर्वाधिक स्लाटर हाउस उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में हैं। इलेक्ट्रोल बांड में खुलासा हुआ कि भाजपा ने बीफ निर्यातक कंपनियों से चंदा लिया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार गौ वंश को कत्लखाने भेज रही है। कांग्रेस के द्वारा गौठान खोलने का मकसद देशव्यापी परिस्थिति का विकल्प पेश करना था।
गौठानों को पुन: शुरू करे सरकार
आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि पिछले पौने दो साल में प्रदेश से गायब लगभग 5 लाख गोवंश के बारे में सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए, और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के द्वारा प्रदेश में खोले गए सभी 10,800 गौठानों को पुन: शुरू करना चाहिए। इसके साथ ही गौठानों में चारा-पानी की सुरक्षित व्यवस्था की जानी चाहिए।
पिंटू महादेवन ने हिंसा भड़काने वाला वक्तव्य दिया
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि डिबेट के दौरान केरल के एक टीवी चैनल में भाजपा प्रवक्ता पिंटू महादेवन द्वारा कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को गोली मारने की कही गई बात काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा ऐसा कहकर हिंसा भड़काने की कोशिश की गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिन वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा राहुल गांधी इस देश के नागरिक होने के साथ संवैधानिक पद पर विपक्षी दल के नेता हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा भी आलोचना के पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हिंसा भड़काने वाला वक्तव्य देने के बाद भी भाजपा के प्रवक्ता पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है। सीआरपीएफ ने कई बार गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर राहुल गांधी पर मंडरा रहे खतरे से आगाह कराया है।

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