कहा-अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग मानवता की सेवा के लिए करें
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज में गुरूवार को चिकित्सक छात्रों से समाज की अपेक्षा, छात्रों की बात जनप्रतिनिधि के साथ विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने सीधे छात्रों के साथ बातचीत की, और चिकित्सा पेशे तथा समाज सेवा से जुड़े उनके सवालों के जवाब दिए।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों, अन्य एमबीबीएस और पीजी छात्रों सहित संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस डॉक्टरों से समाज की अपेक्षा और चिकित्सा पेशेवरों के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर था। छात्रों ने मंत्री राजेश अग्रवाल से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनमें प्रमुख रूप से मरीजों से प्रभावी ढंग से कैसे व्यवहार करें और उन्हें कैसे सांत्वना दें, डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करने के लिए कैसे प्रेरित किया जाए, पेशेवर जीवन में सामाजिक सेवा को कैसे एकीकृत करें, जैसे सवालों पर मेडिकल के छात्रों ने फोकस किया। कैबिनेट मंत्री के साथ मंच पर अधिष्ठाता डॉ. अविनाश मेश्राम, अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र आर्या, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रंजना सिंह आर्या व छात्र उपस्थित थे।
सवालों के जवाब में मंत्री राजेश अग्रवाल ने छात्रों को प्रेरित करने के लिए ज्ञानवर्धक भाषण दिया। उन्होंने छात्रों से कहा वे केवल डॉक्टर नहीं, बल्कि समाज के सेवक हैं। उन्हें अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग मानवता की सेवा के लिए करना चाहिए। उन्होंने न सिर्फ प्रेरक उद्बोधन दिया बल्कि छात्रों के प्रश्नों का सारगर्भिक उत्तर भी दिया। इस दौरान मेडिसिन विभाग से एचओडी डॉ. पंकज टेंबुनिकर, डॉ. अविनाशी कुजूर, डॉ. राकेश निगम, डॉ. मनीष गोयल, डॉ. आभा एक्का, डॉ. परमानंद अग्रवाल सहित अन्य संकाय के सदस्य उपस्थित थे। यह संवाद मेडिकल के छात्र होने के साथ ही आने वाली पीढ़ी के डॉक्टरों के दृष्टिकोण को सीधे समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम सभी पक्षों की ओर से समुदाय के लिए चिकित्सा सेवाओं में सुधार की एक नई प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन सह-समन्वयक डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।
शेड की मांग पर किया स्थल निरीक्षण
मेडिकल के छात्रों द्वारा उठाई गई शेड निर्माण की मांग पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने तत्काल डीन सहित अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवा ही भविष्य में प्रदेश व देश को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनका उत्साह, जिज्ञासा और समर्पण ही उन्हें एक कुशल चिकित्सक बनाकर समाज सेवा के लिए तैयार करेगा।

Spread the love