लुण्ड्रा। सरगुजा जिला के लुण्ड्रा क्षेत्र में पिछले डेढ़-दो साल से जंगली हाथी तबाही मचाकर रखे हैं। पखवाड़े भर के भीतर इस क्षेत्र के सिलसिला, चिरगां जैसे अलग-अलग गांवों में जान-माल की हानि की आंच ठंडी नहीं हुई थी, पुन: ग्राम करौली में एक अधेड़ आयु के पुरुष को सुबह 5-6 बजे के बीच उसके घर से चंद फर्लांग की दूरी पर हाथी ने मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय वह गाय, भैंस को चारा देने जा रहा था। घटना से गांव में शोक के साथ वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जबरदस्त आक्रोश बना हुआ है ।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत करौली के सरईडीह पारा का 50 वर्षीय तिलक राम टेकाम घर से कुछ दूरी पर बने गोठान में गुरूवार की सुबह मवेशियों को चारा देने के लिए गया था, इसी दौरान हाथी ने उसे मौत की नींद सुला दिया। मृतक के स्वजन सहित ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथी के आने-जाने की जानकारी वन विभाग के द्वारा कभी मुनादी करके नहीं दी गई, और न ही प्रकाश के लिए टॉर्च आदि वितरित किया गया है। घटना के तत्काल बाद डीएफओ समेत वन अमला घटनास्थल पहुंचा और मृतक के स्वजन को तत्कालिक सहायता राशि प्रदान करके शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।
जनप्रतिनिधियों पहुंचे मृतक के घर
हाथी के हमले से मौत की सूचना के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह व करौली के जनपद सदस्य एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष गंगा प्रसाद टेकाम, अजजा भाजपा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हीरा सिंह टेकाम मृतक के घर पहुंचे। इन्होंने घटना को लेकर शोक व्यक्त किया और अंतिम यात्रा में कंधा देकर दाह संस्कार में शामिल हुए ।
जनपद सदस्य ने लापरवाही का लगाया आरोप
जनपद सदस्य एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष गंगा प्रसाद टेकाम ने कहा कि लुण्ड्रा जनपद क्षेत्र में लगातार हो रहे हाथी के आतंक को रोकने में शासन-प्रशासन पूरी तरह से नाकाम है। आज तक सेटेलाइट सूचना तंत्र तक की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों को हाथी किस क्षेत्र में है, इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। पूरी तरह से निरंकुश वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को पता नहीं है कि हाथी किस क्षेत्र में और कहां हैं। इनके लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रवासियों को जान देकर भुगतना पड़ रहा है। दिन-दहाड़े हाथी मुख्य मार्ग में विचरण कर रहे हैं और वन विभाग कुंभकर्णीय नींद में सो रहा है। जनपद सदस्य टेकाम ने मृतक के परिजनों को अपनी ओर से 2100 रुपये सहायता राशि एवं 50 किलो चावल प्रदान किया।
निगरानी रखने विभाग को किया गया है निर्देशित
जिला कार्य समिति सदस्य अनुसूचित जनजाति मोर्चा हीरा सिंह टेकाम ने भी मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं है, सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षा एवं माकूल व्यवस्था बनाया जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह के मार्फत उच्च अधिकारियों से विकासखंड स्तर पर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हाथी विचरण क्षेत्र की सतत मॉनिटरिंग करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था करने की पहल भी की जा रही है ।

Spread the love