प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को जिपं के सीईओ के माध्यम से शिकायत पत्र प्रेषित
अंबिकापुर। जिला कलेक्टर सरगुजा जहां एक ओर ईमानदार कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं, और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर गंभीर हैं, वहीं जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ द्वारा उनके नाम पर अवैध उगाही कर रहे हैं, यह आरोप उन्हीं के कार्यालय में पदस्थ उप अभियंता ने लगाया है। उन्होंने तत्संबंध में एक शिकायत पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरगुजा को निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन के नाम प्रेषित किया है। शिकायत पत्र की प्रति महानिदेशक आर्थिक अन्वेशण ब्युरो रायपुर को भी भेजी गई है, और जनपद के सीईओ द्वारा अवैध रुप से अर्जित किए गए संपति की जांच कराने का आग्रह किया गया है। इसी जनपद क्षेत्र के एक पंचायत के सरपंच पति ने भी सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने के पूर्व 20 प्रतिशत कमीशन की मांग करने व ऐसा चेक थमाने का आरोप लगाया है, जो बाउंस हो गया।
उप अभियंता रावेन्द्र यादव ने एक सितम्बर को प्रेषित किए गए शिकायत पत्र में बताया है कि वे जनपद पंचायत अंबिकापुर में 30 अप्रैल 2025 से कार्यरत हैं। वर्तमान में उन्हें 51 ग्राम पंचायतों का कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है, इसके अंतर्गत लगभग 240 निर्माण कार्य हैं। इसका तकनीकी मार्गदर्शन एवं मूल्यांकन कार्य पूर्ण कराना व सीसी जारी कराना उनकी जिम्मेदारी है। अतिरिक्त रूप से उन्हें ग्राम पंचायत लब्जी ओर रनपुरकला के 316 प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य सौंपा गया है, जिसमें तकनीकी मार्गदर्शन उनके द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा कलेक्टर सरगुजा के नाम से 10 प्रतिशत राशि देने के लिए दबाव बनाया जाता है। इसके लिए निर्माण एजेंसी को परेशान करने कहा जाता है, जब तक कि वे पैसा न दें। कई कार्य उनके द्वारा स्वयं ही ठेकेदारी करके कराया जाता है, जिसका फर्जी मूल्यांकन करने के लिए कहा जाता है। कई काम ऐसे हंै जो भौतिक निरीक्षण में तो पूर्ण दिखते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से पूर्ण नहीं रहता है। इन कामों में भी निर्माण एजेंसी से पैसा लेकर, अपूर्ण कार्य को पूर्ण बताकर मूल्यांकन करने दबाव बनाया जाता है।
कलेक्टर कहते हैं, गुणवत्ता का रखें ध्यान
उप अभियंता रावेन्द्र यादव ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि कलेक्टर सरगुजा के द्वारा स्थल भ्रमण के दौरान जन आवश्यकताओं को देखते हुए डीएमएफ एवं अन्य योजनाओं से तत्काल कार्य को स्वीकृत कर दिया जाता है। कलेक्टर सरगुजा के जरूरत के हिसाब से किसी कार्य की स्वीकृति दौरान सार्वजनिक तौर पर कहा जाता है कि आप लोग कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखें। आरोप है कि कलेक्टर के जाते ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरएस सेंगर कमीशन की बात करने लगते हैं। इस संबंध में जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ से उनके मोबाइल नम्बर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण बात नहीं हो पाया।
निर्धारित दुकानों से लेना पड़ता है सामान
उप अभियंता का आरोप है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरएस सेंगर द्वारा समस्त काम के लिए दुकान निश्चित किया गया है, जहां से इनका कमीशन बंधा हुआ है। दरवाजा, खिड़की एवं अन्य कार्य इनके द्वारा बताए गए दुकान से कराना रहता है, जिससे क्वालिटी का निगरानी एवं नियंत्रण कर पाना मुश्किल रहता है, और मजबूरन गुणवत्ताहीन कार्य को स्वीकार करना पड़ता है। आरोप है कि इन्हें जब तक कमीशन नहीं मिलता है, तब तक तकनीकी खामी एवं कई कमियां इन्हें नजर आती हंै। कमीशन मिलने के बाद एसडीओ एवं सब इंजीनियर से कोई लेना-देना नहीं रहता है। पूरा मूल्यांकन होना चाहिए, चाहे काम कितना भी खराब क्यों न हों। जनपद सीइओ पर अपूर्ण कार्यों का भी दबाव डालकर मूल्यांकन कराने का आरोप लगाया गया है।
प्राइवेट बैंक का प्रचार-प्रसार
आरोप है कि जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने कार्यालय में कार्य की समीक्षा मीटिंग के दौरान प्राइवेट एक्सिस बैंक अंबिकापुर के मैनेजर को बुलाकर कर्मचारियों का वेतन सरकारी बैंकों के बजाए उक्त प्राइवेट बैंक में जमा, आहरण के लिए दो घंटा प्रचार-प्रसार कराए, एक्सिस बैंक का बीमा पालिसी लेने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया।
सरपंच पति का आरोप-काम शुरू होने से पहले 20 प्रतिशत की मांग
जनपद पंचायत अंबिकापुर अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खलीबा के सरपंच पति गंगाराम का कहना है कि कलेक्टर सरगुजा के द्वारा गांव के लोगों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए 20 लाख रुपये के सीसी सड़क की स्वीकृति दी गई है। काम शुरू नहीं हुआ था और 20 प्रतिशत कमीशन के लिए दबाव बनाया जाने लगा। बरसात को देखते हुए मुरम का काम शुरू नहीं किया गया था, जिस पर सीईओ ने सरपंच काम शुरू नहीं किया है, कहते हुए नोटिस जारी करने कहा गया। इस बात की उन्होंने तनिक परवाह नहीं की, बारिश में मिट्टी-मुरम का काम कैसे होगा। बारिश कमजोर पड़ने के बाद वे निर्माण सामग्री गिरवाकर एक सप्ताह से काम कर रहे हैं, मुरम का काम लगभग पूरा हो गया है। शनिवार, 30 अगस्त को उन्हें एक चेक दिया गया, जो बाउंस हो गया। सरपंच पति का कहना है कि कलेक्टर सरगुजा ने निर्माण कार्य की स्वीकृति के बाद कहा था कि आपके गांव की सड़क बन रही है, काम अच्छे से कराना। कोई भी अधिकारी-कर्मचारी पैसा मांगता है, तो डायरेक्ट मेरे को बताना। आरोप है कि सीईओ, कमीशन के चक्कर में बनाए जा रहे सड़क को तोड़वा देने की धमकी दे रहे हैं।
कलेक्टर को देंगे वस्तुस्थिति की जानकारी
सरपंच पति गंगाराम ने कहा कि जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ और उनके करीबी जिस प्रकार कमीशनखोरी में डूबे हैं, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 5 सितम्बर को कलेक्टर के नवोदय विद्यालय में आने की जानकारी मिली है। इस दौरान वे उनसे मुलाकात करके सारी स्थिति से अवगत कराएंगे, और आग्रह करेंगे कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को सरगुजा से विदा किया जाए।

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