शहर के सड़कों की जर्जर हालत और निगम की लापरवाह कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
अंबिकापुर। शहर के सड़कों की जर्जर हालत और नगर निगम की लापरवाह कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जयस्तंभ चौक पर आम सभा के बाद रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें तत्काल सड़क मरम्मत और बरसात थमते ही डामरीकरण की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि नगर निगम की महापौर अपनी अक्षमता को छिपाने के लिए नए-नए बहाने बनाती हैं। हकीकत यह है कि कमीशनखोरी के फेर में तीन बार टेंडर रद्द किए गए। यह सरकार वोट चोरी से बनी है, इसलिए इन्हें भरोसा है कि जनहित का काम करें या न करें, चुनाव में चोरी से जीत ही जाएंगे, लेकिन जनता सब जानती है समय आने पर जवाब देगी। सभा को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, नुरुल अमीन सिद्दीकी, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा सोनी, इरफान सिद्दीकी, रशीद अंसारी, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, प्रमोद चौधरी, विकल झा, रजनीश सिंह, नितीश चौरसिया, सतीश बारी, निक्की खान, आतिफ रजा, शुभम जायसवाल, मिथुन सिंह, बनाफर सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि भाजपा की सरकार और नगर निगम, जनता से पूरी तरह कट चुकी है। महापौर और भाजपा नेता केवल बहानेबाजी व फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं। इन्होंने ऐलान किया कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। कर्यक्रम का संचालन दुर्गेश गुप्ता और आभार प्रदर्शन लवकेश पासवान ने किया। इस अवसर पर विनय शर्मा, मो. इस्लाम, राम विनय सिंह, मदन जायसवाल, हेमंत तिवारी, संजीव मंदिलवार, अशफाक अली, मेराज रंगरेज, शंकर प्रजापति, चन्द्र प्रकाश सिंह, जीबन यादव, इंद्रजीत सिंह धंजल, बाबर इदरीसी, चम्मा, जेनेविवा कुजूर, रियाजुल, नसीम खान, अमित तिवारी राजा, अमित सिंह, बालकेश्वर तिर्की, संजय सिंह, अनिल सिंह, शिव प्रसाद अग्रहरि, विष्णु सिंह देव, आलोक सिंह, प्रीति सिंह, प्रिंस विश्वकर्मा, संगीत मिंज, रश्मि सोनी, आरती महंत, जावेद खान, परवेज आलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
बहुमत मिलने के बाद मिली उपेक्षा
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि गड्ढ़ों से भरी सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। भाजपा के जनप्रतिनिधि जनता की तकलीफों से बेपरवाह हैं। जनता ने पार्षद से लेकर सांसद तक भाजपा को बहुमत दिया, बदले में सिर्फ उपेक्षा मिला। मुख्यमंत्री ने निगम की सड़कों के डामरीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। जनता ने उस पर भरोसा किया और भाजपा को निगम में बड़ा जनमत दिया, मगर आज तक एक गड्ढा भी नहीं भरा गया। नेता प्रतिपक्ष के नाते उन्होंने निगम में आश्रय योजना में जमा 2 करोड़ रुपये से सड़क मरम्मत का सुझाव दिया था। सांसद निधि, विधायक निधि, मेयर निधि और पार्षद निधि से थोड़ी-थोड़ी राशि दे दी जाती तो भी हालात सुधर सकते थे, लेकिन यहां किसी को जनता की चिंता नहीं है। सामान्य सभा की बैठक तक नहीं हो रही है, जबकि नियम के तहत हर दो महीने में बैठक अनिवार्य है। इससे साफ है भाजपा के लोग जनता के सवालों से भाग रहे हैं।
मोहलत दे रहे हैं, लेकिन आखिरी बार
पूर्व सभापति अजय अग्रवाल ने कहा कुछ दिन पहले खरसिया नाका में हमने आंदोलन किया था, तब अधिकारियों ने तीन दिन में सड़क बनाने का वादा किया था। आज हम फिर से शासन को मोहलत दे रहे हैं, लेकिन आखिरी बार। अगर सड़कें नहीं बनीं तो कांग्रेस का अगला आंदोलन और भी बड़ा होगा, तब जनाक्रोश को संभालना मुश्किल होगा।
जनता को अंधेरे में रखने की साजिश
पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा शहर की समस्या सिर्फ सड़क और सफाई तक सीमित नहीं है। किसान समितियों से खाद नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। यह सरकार किसानों की भी विरोधी है। इसके अलावा, निगम चुनाव का मतदान केंद्रवार अधिकृत परिणाम अब तक घोषित नहीं हुआ है। यह लोकतंत्र के साथ मजाक है और जनता को अंधेरे में रखने की साजिश है। कांग्रेस इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

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