पहले क्रेडिट कार्ड के नाम पर पति हुआ था ठगी का शिकार, फिर भी नहीं लिया सबक
अंबिकापुर। साइबर क्राइम का मकड़जाल कुछ ऐसा फैल गया है, कि जागरूकता के तमाम प्रयासों के बाद भी लोग ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। साइबर अपराधी आए दिन ठगी का नया-नया तरीका ईजाद करने में लगे हैं। आए दिन ऐसे मामले सामने आने के बाद भी ठगी का सिलसिला रूक नहीं रहा है। डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटार्शन, अवांछनीय गतिविधियों की सूचना देकर मोबाइल नम्बर दो घंटे में ब्लॉक करने, केबीसी में चेहरा पहचानो, एपीके ऐप जैसे कई तरीके ठगी का माध्यम बन गए हैं। इन सबके बीच ऐसा कम ही सुनने को मिलेगा, कि घर का कोई एक सदस्य ठगी का शिकार हुआ हो, इससे सबक न लेते हुए दूसरा सदस्य भी साइबर ठगों के झांसे में आकर लाखों रुपये गवां बैठे। ठगी का शिकार होने वाले सिर्फ सामान्यजन नहीं हैं, अच्छे-अच्छे ओहदेदारों से भी ठगों ने कई लाख रुपये ऐंठ लिए हैं। ऐसा ही एक मामला शहर का सामने आया है, जिसमें 4 माह के अंतराल में पति के बाद पत्नी भी ठगों के झांसे में आकर दो लाख रुपये से अधिक गवां दी।
बता दें कि गांधीनगर थाना क्षेत्र के पटलेपारा निवासी किराना दुकान संचालक टेसलाल गुप्ता पिता रविन्द्रनाथ गुप्ता के पास बीते 20 मई को अज्ञात लोगों ने शाम 4 बजे मोबाइल से फोन करके अपना परिचय बैंक के कर्मचारी के रूप में दिया। वह बताया कि वर्तमान में उसके पास जो क्रेडिट कार्ड है, उसका लिमिट बैंक के तरफ से बढाया जा रहा है, जिसका वीडियो वेरीफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद वह वीडियो कॉल करके स्क्रीन शेयरिंग करने और स्क्रीन पर आ रहे कैमरे को ऑन करने कहा। ठग ने क्रेडिट कार्ड को कैमरे के सामने अपने हाथ पर रखने कहा था। जैसे ही दुकान संचालक अपने क्रेडिट कार्ड को कैमरे के सामने लाया, कुछ समय बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 64237.15 रुपये कट गया। घटना की विवेचना पुलिस कर ही रही थी कि चालू माह में 14 से 17 अगस्त के बीच उसकी पत्नी पुष्पा फोन पर आए एक कॉल के झांसे में आकर 2 लाख 45 हजार गंवा दी। दरअसल पुष्पा को कॉल करने वाले ने ऑनलाइन गेम में रुपये लगाने पर अच्छा मुनाफा का झांसा दिया था। इसके बाद वह रुपये लगाना शुरू की, कम रुपये लगाने पर उसे बढ़कर रकम की प्राप्ति भी होने लगी। चार दिनों के अंतराल में बढ़कर मिल रहे रुपये का लोभ उसे घेरा, और वह बड़ी रकम दांव पर लगा दी। 2 लाख 45 हजार रुपये गंवाने के बाद उसे रुपये मिलना बंद हो गया, तब उसे समझ में आया कि वह ठगी का शिकार हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्कूल, कॉलेजों के साथ ही सार्वजनिक आयोजनों में साइबर अपराध से लोग बचें, इसके लिए ताकत झोंक रहे हैं, इसके बाद भी आए दिन नए-नए रूप में ऐसे मामलों के सामने आने का सिलसिला नहीं थम रहा है।
ऐसे भी हजारों लोग हो रहे ठगी का शिकार
हाल में इंटरनेट मीडिया में कुछ ऐसे ऐप सामने आए हैं, जिसमें दर्शाए गए प्रोडक्ट में रुपये लगाकर रोजाना 130 रुपये से 2-4 हजार ही नहीं 25 से 26 हजार रुपये रोजाना, वो भी दो से चार माह तक लगातार प्राप्ति का झांसा दिया जा रहा है। स्वयं प्रोडक्ट को खरीदने के बाद 10 लोगों को जोड़ने पर 25 से 30 प्रतिशत कमीशन भी देने का उल्लेख ये अपने लुभावने ऐप में करते हैं। इसके चक्कर में और लोगों को अपने साथ जोड़ना सैकड़ों लोगों ने शुरू कर दिया। ऐप से जुड़ने वाले को रोजाना बैंक खाता में रुपये भी प्राप्त हो रहा था, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ गया। इसकी कड़ी बढ़ी और 590 रुपये लगाकर रोजाना 120-30 रुपये प्राप्त करने वालों के लिए हजारों का प्रोडक्ट लांच किया जाने लगा। 5000, 10000, 20000, इससे अधिक की राशि का प्रोडक्ट ऐप में दर्शाकर लोगों को 3 से 4 माह तक अच्छी खासी, मोटी रकम देने के प्रलोभन के आगे लोग अपनी जमा पूंजी लगाने लगे, कुछ तो कर्ज लेकर अच्छी खासी रकम दांव पर लगा दिए। दो से तीन दिन बैंक खाते में रकम की प्राप्ति भी हुई। इसके बाद अपने नीचे अन्य लोगों को नहीं जोड़ने पर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया और रोजाना रुपये भुगतान की स्थिति ऐप में प्रोसेसिंग पर अटककर रह गई। लाखों, करोड़ों रुपये बटोरने के बाद ऐप भी काम करना बंद कर दिया। दूसरा लुभावना ऐप लांच हो गया। कुछ विदेशी ऐप में पूर्व की प्रोसेसिंग राशि जो 40 से 50 हजार तक पहुंच गई थी, इसे देने का भी झांसा दिया गया। अभी भी ऐसे कई ऐप इंटरनेट मीडिया में प्रचलन में हैं, लेकिन पुलिस तक मामला नहीं पहुंचने के कारण लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
बयान
फोटो-राजेश अग्रवाल, एसपी
साइबर क्राइम के मामले जागरूकता के तमाम प्रयासों के बाद भी सामने आ रहे हैं। घर के किसी सदस्य के ठगी का शिकार होने के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। ऐसा मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र में सामने आ चुका है। पहले पति ठगी का शिकार हुआ, फिर पत्नी ठगों के चक्कर में रुपये गवां बैठी। साइबर अपराध और ऑनलाइन लेनदेन को लेकर लोगों को स्वयं सतर्क रहने की जरूरत है।
राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा

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