शासकीय स्वास्थ्य केंद्र अजबनगर में नहीं मिले स्टाफ, निजी दवाखाना में कराए उपचार
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। मधुमक्खी के काटने से घायल हुई महिला को स्वजन नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र में लेकर पहुंचे, यहां किसी स्टाफ के नहीं रहने के कारण उसका इलाज नहीं हो पाया। बाद में वे निजी दवाखाना की ओर रूख किए, जहां महिला का उपचार चला। घर ले जाने के बाद महिला की तबियत बिगड़ी और वे उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक सूरजपुर जिला के जयनगर थाना अंतर्गत ग्राम पहाड़गांव की सोनाकुंवर पति बुधराम यादव 70 वर्ष, 25 अगस्त को घर से भैंस चराने के लिए पिलखा पहाड़ जंगल की ओर गई थी। शाम को करीब 4 बजे बचाओ-बचाओ शोर मचाकर मधुमक्खी के काटने की जानकारी स्वजन को देते बेहोश हो गई थी। जंगल में लगभग 100 मीटर की दूरी पर सोनाकुंवर की बेटी मौजूद थी, जो मां का आवाज सुनकर पास गई तो बेहोशी की हालत में पड़ी मां को मधुमक्खी काट रही थी। मौके से भागकर वह इसकी जानकारी अपने भाई दशरथ यादव सहित अन्य को दी। स्वजन मधुमक्खियों के चंगुल से छुड़ाकर किसी तरह महिला को घर लेकर पहुंचे, और निजी वाहन से शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र अजबनगर लेकर गए, यहां अस्पताल तो खुला था लेकिन स्टाफ नहीं थे। ऐसे में वे उसे निजी क्लीनिक में ले गए। यहां मिली उपचार की सुविधा के बाद सोनाकुंवर मामूली बातचीत कर रही थी। स्वास्थ्य में कुछ सुधार नजर आने पर वे उसे वापस घर ले गए। 26 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे पूरे शरीर और चेहरे में सूजन देखकर वे उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, यहां इलाज के दौरान रात 11.30 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया है।

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