जर्जर सड़कों को लेकर चक्काजाम, गड्ढे में गाड़ी चलाने का दिया सांकेतिक प्रशिक्षण
अंबिकापुर। गड्ढे में गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण, स्लोगन के साथ मंगलवार को यूथ इंटक ने शहर की जर्जर सड़कों और ट्रिपल इंजन सरकार की निष्क्रियता के विरोध में सांकेतिक चक्काजाम किया। उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर शहर में मौजूद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, पीडब्ल्यूडी और निगम तीनों के द्वारा संचालित सड़कों की स्थिति जर्जर है। मुख्यमंत्री के द्वारा घोषणा के बावजूद शहर की सड़कों के लिए 20 करोड़ की राशि अब तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग जो मोदी सरकार के अधीन है, विगत 3 वर्ष से फंड की कमी के कारण सड़कों का रखरखाव नहीं कर पा रहा है। निगम की स्थिति ऐसी है कि बरसात में शहर की सड़कों पर बने गड्ढों में मलवा तक नहीं भरवा पा रही है, जबकि इनमें काबिज भाजपा की सरकार और उनके निर्वाचित सांसद, विधायक, महापौर और दूसरे जनप्रतिनिधियों ने ट्रिपल इंजन सरकार में ट्रिपल विकास के नाम पर वोट मांगा था।
यूथ इंटक ने करीब सप्ताह भर पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जर्जर मार्गों को सुधारने की मांग की थी, ऐसा नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी गई थी। प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी और यूथ इंटक ने भारत माता चौक के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर दोपहर 12 बजे से 1 घंटे चक्काजाम किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार में ट्रिपल विकास का दावा कर भाजपा बिजली बिल बढ़ा रही है, बिजली बिल में छूट को खत्म कर रही है, लोगों से भारी भरकम टोल टैक्स लेकर उनको खराब सड़कों पर चलने के लिए विवश कर रही है, आम लोगों को सुविधाएं देने से पीछे हट रही है। ट्रिपल इंजन की सरकार आम लोगों से वोट लेकर, अपनी सरकार बनाकर एक विशेष पूंजीपति के लिए काम कर रही है। इस पूंजीपति को भाजपा सरकार ने सरगुजा की छाती को छिलकर खनिजों के दोहन का अधिकार दे दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के निकम्मेपन को लेकर 20 सूत्रीय कार्यक्रम के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल काफी आक्रोशित थे। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर शहर से गुजरने वाली अधिकांश सड़कें राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की हैं। शहर से 10-10 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग नई सड़कों को बनवा रहा है लेकिन विगत 3 वर्षों से उसके पास शहर से गुजरने वाले एनएच की सड़कों के रख-रखाव के लिए बजट नहीं होने का बहाना कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के माध्यम से अंबिकापुर की जनता को प्रताड़ित कर रही है। चक्काजाम और प्रदर्शन में हेमंत सिन्हा, मो. इस्लाम, दुर्गेश गुप्ता, लोकेश कुमार, कलीम अंसारी, अनिल सिंह कर्नल, जीवन यादव, अमित तिवारी राजा, आशीष जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, वेद प्रकाश शर्मा, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, सोहन जायसवाल, निक्की खान, नीतीश चौरसिया, आलोक सिंह, सतीश बारी, आतिश शुक्ला, निखिल विश्वकर्मा, शुभम जायसवाल, काजू खान, मो अख्तर चम्मा, रोशन कन्नौजिया सहित अन्य मौजूद थे।
मुखौटे लगाकर धकेला गाड़ी, किया प्रदर्शन
गड्ढे में गाड़ी चलाने के स्लोगन के साथ हुए इस प्रदर्शन का दायित्व प्रदेश कांग्रेस के सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आशीष शील को दिया गया था। चक्काजाम के सांकेतिक संदेश को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, महापौर के मुखौटे लगाकर जर्जर सड़क पर मोटरसाइकिल को हाथ से धकेला, और यह संदेश देने का प्रयास किया कि ट्रिपल इंजन की सरकार में भाजपा के ट्रिपल इंजन नेतृत्व से अपेक्षा न करें और जर्जर सड़क पर ऐसे ही गाड़ी चलाने का अभ्यास कर लें। शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रायगढ़ रोड सरगुजा जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। तीनों विधानसभा के निर्वाचित भाजपा विधायकों ने इस जर्जर मार्ग में आम आदमी को अधर में छोड़ अपने रास्ते बदल लिए हैं। अंबिकापुर विधायक पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि शहर में सड़कों की दुर्दशा पर अपनी जवाबदेही से बचने के लिए उन्होंने अंबिकापुर का रुख करना ही छोड़ दिया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में सड़कों को नहीं सुधारा गया तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।

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