सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में 15 दिवसीय मेडिटेशन की कक्षा संपन्न

अंबिकापुर। सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर में 15 दिवसीय मेडिटेशन की कक्षा का समापन 26 नवम्बर को हुआ। इस दौरान बी.एड प्रथम सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्थान की ब्रम्हकुमारी विद्या एवं सहयोगी ने मेडिटेशन की शिक्षा दी। इसका उद्देश्य मानसिक शांति के साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को तनाव मुक्त करना था। 15 दिनों तक इन्हें जीवन में सफल होने और सत्यता की पहचान के बारे में बताया। प्रतिदिन मेडिटेशन का अभ्यास कराने के साथ कर्मों की शक्ति, सहनशक्ति, राजयोग के विभिन्न आयाम बताए गए।
समापन दिवस पर ब्रम्हकुमारी विद्या ने बताया कि शांति हमारे भीतर ही होती है, परंतु हम उसे बाहरी दुनियां में ढूंढ़ते हैं। हम सभी ईश्वरीय परमात्मा की संतान हैं, हम एक शांत स्वरूप आत्मा है। सफलता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। ज्ञान एक ऐसा धन है जो अविनाशी है, जो आगे चलकर वरदान स्वरूप बनेगा। हमें अपने अंदर की बुराइयों को दूर करने के लिए अच्छी चीजों को भरना होगा। हमें अपने आप को परिवर्तित करने के लिए स्वयं को परमात्मा से जोड़ना होगा। हमें प्रतिदिन जो मिलता है, उसके लिए परमात्मा का धन्यवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा आज हम इस कक्षा का औपचारिक समापन तो कर रहे हैं, किंतु ध्यान साधना का वास्तविक आरंभ यहीं से होता है। दैनिक जीवन में 10 से 15 मिनट का नियमित ध्यान आपके व्यक्तित्व, विचारों और संपूर्ण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाएगा।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कहा पंद्रह दिनों की साधना यात्रा हम सभी के लिए अद्भुत अनुभव से ओतप्रोत रहा। इस अवधि में हमने न केवल ध्यान की विधियों को सीखा, बल्कि स्वयं को समझने, मन को शांत करने और जीवन में संतुलन लाने की कला भी विकसित की। उन्होंने कहा कि मेडिटेशन ने हमें सिखाया कि शांति बाहर नहीं, भीतर पनपती है। मन को नियंत्रित करना ही सफलता और सुख का मूल है। उन्होंने कहा नियमित साधना से तनाव, चिंता और नकारात्मकता स्वत: दूर होती है। हमें अपने समय को व्यर्थ की चीजों में नहीं गंवाना चाहिए। समय का बेहतर उपयोग करें, और अपने जीवन में सकारात्मक सोच रखें। आप भावी शिक्षक हंै, एक अच्छे शिक्षक को जिज्ञासु होना चाहिए। इस दौरान विभागाध्यक्ष रानी रजक, सहायक प्राध्यापक उर्मिला यादव, प्रियलता जायसवाल, मिथलेश कुमार गुर्जर, सुप्रिया सिंह, सविता यादव, सीमा बंजारे, पूजा रानी, ज्योत्स्ना राजभर एवं बी.एड प्रथम सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति रही।

Spread the love