अंबिकापुर के न्यूनतम तापमान में पिछले दो दिनों से क्रमिक गिरावट आई

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में कनकनी भरी ठंड की पुन: वापसी हो गई है। शीतलहर का एहसास होने के साथ अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री पहुंच गया है। बलरामपुर जिले के सामारी पाट व सरगुजा के मैनपाट का तापमान 4 डिग्री के करीब है। दोनों जगहों पर सबसे अधिक ठंड पड़ती है। गुरुवार की सुबह कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिसकी बिजब्लिटी 500 मीटर तक रही। कोहरे के कारण दोपहिया, चारपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की गति पर ब्रेक लगी रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान मेें और गिरावट दर्ज हो सकती है। ठंड से अभी राहत की उम्मीद नहीं है। कारण ‘सेनयारÓ चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ते ही श्रीलंका-तमिलनाडु क्षेत्र में परिसंचरित सुस्पष्ट अवदाब गुरूवार को ‘डिटवाÓ चक्रवाती तूफान में बदलना है।
बता इें कि नवंबर महीने की शुरूआत में कड़ाके की ठंड सरगुजा संभाग में पड़नी शुरू हो गई थी। 11 दिनों तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ था। इस दौरान वर्षों का रिकॉर्ड टूटा था। इसके बाद अफगानिस्तान में बने विक्षोभ के कारण तापमान में वृद्धि हुई थी, न्यूनतम तापमान बढ़कर 11 डिग्री तक पहुंच गया था। मौसम साफ होते ही ठिठुरन भरी ठंड में कुछ दिनों तक लगा ब्रेक हटा और 24 नवंबर से तापमान में गिरावट आनी शुरू हो गई। इसके साथ ही तीन दिन के अंदर न्यूनतम तापमान गिरकर गुरुवार को 6 डिग्री पहुंच गया है। सरगुजा संभाग में शीतलहर की वापसी हो गई है। ठंड से लोगों का हाल बेहाल है। दिन में भी लोग राहत महसूस नहीं कर रहे हंै। बर्फीली हवा के कारण लोग ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के अनुसार उत्तरी शीतलहर के कारण न्यूनतम व अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरूवार को अधिकतम 24 व न्यूनतम 6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान औसत से करीब 5 डिग्री कम है। अंबिकापुर के साथ-साथ बलरामपुर जिले के सामरीपाट व सरगुजा के मैनपाट का तापमान करीब 4 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां शीत की बूंदे जमनी शुरू हो गई है, लोग ठंड से बचने अलाव का सहारा ले रहे हैं।
न्यूनतम तापमान में उछाल की संभावना
मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के अनुसार अंडमान सागर के ‘सेनयारÓ चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ते ही श्रीलंका-तमिलनाडु क्षेत्र में परिसंचरित सुस्पष्ट अवदाब आज ‘डिटवाÓ चक्रवाती तूफान में बदल गया है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में आगामी 30 नबम्बर तक व्यापक वर्षा कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। इसका असर सरगुजा संभाग में भी देखा जा सकता है। बादल का असर बना रहेगा। 28 नबम्बर के बाद हवा की दिशा में परिवर्तन और खाड़ी की ओर से नमी युक्त वायु प्रवाह से अगले दो-तीन दिन न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री उछाल की संभावना है।
शीत लहर प्रबंधन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार शीतलहर से बचाव हेतु वर्ष 2025-26 के लिए अधिकारियों को जिला एवं तहसील स्तर पर प्रबंधन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसमें डिप्टी कलेक्टर सरगुजा उमा राज को जिला स्तर नोडल अधिकारी, अधीक्षक भू-अभिलेख अंबिकापुर दीपिका दुबे को जिला स्तर सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार तहसील स्तर पर तहसीलदार अंबिकापुर उमेश्वर सिंह बाज को अंबिकापुर का, तहसीलदार उदयपुर विकास जिंदल को उदयपुर, तहसीलदार लुण्ड्रा चित्रलेखा चन्द्रवंशी को लुण्ड्रा, तहसीलदार लखनपुर अंकिता पटेल को लखनपुर, तहसीलदार बतौली गोविन्द कुमार सिन्हा को बतौली, तहसीलदार सीतापुर रूपाली मेश्राम को सीतापुर, तहसीलदार मैनपाट ममता रात्रे को मैनपाट का एवं तहसीलदार दरिमा अमन चतुर्वेदी को तहसील स्तर दरिमा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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