बलरामपुर। जिले में लगातार विवादों में रहने वाले आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू एक बार फिर अपनी दबंगई भरे रवैये को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उसका नया कारनामा बलरामपुर न्यू बस स्टैंड में देखने को मिला। उन्होंने खुलेआम एक ठेला व्यवसायी के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में अंग्रेजी शराब दुकान को सिंदूर नदी किनारे से हटाकर बलरामपुर  न्यू बस स्टैंड में शिफ्ट किया गया है, उसी दुकान के पास ठेला चलाने वाले एक युवक से आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू ने ठेला हटाने को लेकर विवाद किया। मामला इतना बढ़ गया कि उपनिरीक्षक ने अपने पद का रौब दिखाते हुए ठेला संचालक को जबरदस्ती पकड़कर खींचा और धक्का देकर गिरा दिया और वर्दी का रौब दिखाते हुए उसे अपमानित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान उपनिरीक्षक हंसते हुए व्यवसायी को अपमानित कर रहे थे, और आसपास के लोग इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में कैद कर रहे थे। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि नीरज साहू का विवादों से पुराना नाता रहा है। बलरामपुर में पदस्थ होने के बाद से ही वे कई बार अपने दुर्व्यवहार और विवादित गतिविधियों के कारण चर्चा में रहे हंै। कुछ माह पूर्व उनका एक भाजपा कार्यकर्ता से भी विवाद हो चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, नीरज साहू की पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्री से गहरी पकड़ रही है, जिसके चलते वे अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई से बच निकलते हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी यह मामला समझौते की भेंट चढ़ेगा या फिर इस दबंग अधिकारी पर वास्तव में कोई कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। फिलहाल, लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हुई हैं। आम नागरिक के साथ इस तरह की दबंगई दिखाने वाले को दंड मिलेगा या फिर हमेशा की तरह  ‘मारो और माफी मांगोÓ वाली आदत इस बार भी दोहराई जाएगी।
ठेला हटाने का जिम्मा किसका
विवाद उस समय तूल पकड़ा जब उप निरीक्षक ठेला हटाने शराब दुकान के पास पहुंचे। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग ठेला हटवाने का काम कब से करने लगा। वहीं आबकारी निरीक्षक नीरज साहू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हम लोग आबकारी एक्ट के तहत ठेला हटवाने पहुंचे थे।
बलरामपुर। जिले में लगातार विवादों में रहने वाले आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू एक बार फिर अपनी दबंगई भरे रवैये को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उसका नया कारनामा बलरामपुर न्यू बस स्टैंड में देखने को मिला। उन्होंने खुलेआम एक ठेला व्यवसायी के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में अंग्रेजी शराब दुकान को सिंदूर नदी किनारे से हटाकर बलरामपुर  न्यू बस स्टैंड में शिफ्ट किया गया है, उसी दुकान के पास ठेला चलाने वाले एक युवक से आबकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू ने ठेला हटाने को लेकर विवाद किया। मामला इतना बढ़ गया कि उपनिरीक्षक ने अपने पद का रौब दिखाते हुए ठेला संचालक को जबरदस्ती पकड़कर खींचा और धक्का देकर गिरा दिया और वर्दी का रौब दिखाते हुए उसे अपमानित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान उपनिरीक्षक हंसते हुए व्यवसायी को अपमानित कर रहे थे, और आसपास के लोग इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में कैद कर रहे थे। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि नीरज साहू का विवादों से पुराना नाता रहा है। बलरामपुर में पदस्थ होने के बाद से ही वे कई बार अपने दुर्व्यवहार और विवादित गतिविधियों के कारण चर्चा में रहे हंै। कुछ माह पूर्व उनका एक भाजपा कार्यकर्ता से भी विवाद हो चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, नीरज साहू की पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्री से गहरी पकड़ रही है, जिसके चलते वे अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई से बच निकलते हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी यह मामला समझौते की भेंट चढ़ेगा या फिर इस दबंग अधिकारी पर वास्तव में कोई कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। फिलहाल, लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हुई हैं। आम नागरिक के साथ इस तरह की दबंगई दिखाने वाले को दंड मिलेगा या फिर हमेशा की तरह  ‘मारो और माफी मांगोÓ वाली आदत इस बार भी दोहराई जाएगी।
ठेला हटाने का जिम्मा किसका
विवाद उस समय तूल पकड़ा जब उप निरीक्षक ठेला हटाने शराब दुकान के पास पहुंचे। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग ठेला हटवाने का काम कब से करने लगा। वहीं आबकारी निरीक्षक नीरज साहू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हम लोग आबकारी एक्ट के तहत ठेला हटवाने पहुंचे थे।

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