धान की फसल

0 खेत से खलिहान तक भरा पानी, टूटी किसानों की उम्मीदें

0 फसल चौपट होने से चिंतित किसानों ने की सर्वे करा राहत राशि देने की मांग

सूरजपुर/चांदनी बिहारपुर। क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों की मेहनत व पसीने की खेत मे खड़ी एवं पड़ी फसल पूरी तरह से भींग कर बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। क्षेत्र के महूली, मोहरसोप, खोहीर, रामगढ़, उमझर, रसौकी, जूडवनीया, बसनरा, नवडीहा, कछिया और परसा सहित कई गांवों में खेतों में बड़े पैमाने पर पानी भर गया है। धान फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। किसानों के अनुसार धान की खेती अपने अंतिम चरण में थी। कुछ जगह धान कटाई होकर खेत में पड़ा हुआ था, जो अब पानी में सड़ने लगा है और उठाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं कुछ खेतों में पका हुआ धान खड़ा है लेकिन खेतों में भरे पानी के कारण वह भी तेजी से खराब हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों के मुकाबले इस बार नुकसान अधिक है क्योंकि उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद थी। किसानों ने खाद, बीज, मजदूरी और मशीनों पर भारी खर्च किया था। अब फसल चौपट होने से उनकी आर्थिक स्थिति चरमराती नजर आ रही है। इधर लगातार बारिश से क्षेत्र की सड़कें भी कीचड़ में बदल गई हैं, जिससे गांवों तक पहुंचना, धान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना और आवश्यक सामग्री की आवक-जावक पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई ग्रामीण उपचार और राशन तक के लिए परेशान हैं। लोगों में रोष इस बात को लेकर भी है कि अभी तक न तो कृषि विभाग का दल और न ही प्रशासन का कोई अधिकारी सर्वे के लिए खेतों में पहुंचा है। किसानों का कहना है कि बारिश और नुकसान दोनों लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन राहत का कोई प्रबंध नहीं हो पा रहा है।

0 किसानों की गुहार  

किसानों ने शासन-प्रशासन से 

तत्काल नुकसान का सर्वे कराया जाने की मांग के साथ फसल बीमा की राशि तत्काल दिलाये जाने एवं आर्थिक सहायता प्रदान  करने, खेतों से पानी निकासी और तकनीकी सहयोग देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में पूरा क्षेत्र गंभीर आजीविका संकट में फंस जाएगा। वहीं किसानों ने चेतावनी दी है कि उनकी समस्याओं को अनदेखा किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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