वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौजूदगी में हेलीपैड में बनी हंगामा और हुज्जत की स्थिति
अंबिकापुर। बाबा कार्तिक उरांव के जन्म शताब्दी समारोह पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम शहर में पहले तो बीच सड़क में कार्यक्रम को लेकर फिर चौक के नामकरण को लेकर मुखर हो रहे विरोध के स्वर के बीच सुर्खियों में रहा। बड़ी चर्चा उस समय होने लगी जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पीजी कॉलेज में बने हेलीपैड में आगमन होना था और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस के द्वारा की गई बैरीकेडिंग व्यवस्था को सत्ता पक्ष के ही कर्ताधर्ता ध्वस्त करने में भिड़ गए। मौके पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार पटेल सहित कई आईपीएस और आईएएस अधिकारी मौजूद थे, इस दौरान बनी हुज्जतबाजी की स्थिति को देखकर सभी चौंक गए। इसके बाद चर्चा इस बात की होने लगी कि स्वागत का ये कौन सा तरीका है।
प्रदेश के मुखिया की आगमन पूर्व दहाड़ मारते भाजपाइयों और पुलिस के बैरीकेड को तोड़ने चल रही धक्का-मुक्की, अपशब्दों की बौछार को सुनकर मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, इनके द्वारा बनी स्थिति को नियंत्रित करने कहा गया, लेकिन हालात बदतर और शर्मसार करने वाला था। किसी ने इसे उद्दंडता की पराकाष्ठा तो किसी ने सत्ता का अहंकार करार दिया। उत्साह में बेकाबू हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर हेलीपैड परिसर में घुसने की कोशिश करने लगे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस के जवानों ने कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोक दिया था। इन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया तो विवाद शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं तथा पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ते देख वरिष्ठ नेता मौके पर पहुंच गए और हुज्जतबाजी करने में लगे कार्यकर्ताओं को फटकार भरे लहजे में हस्तक्षेप किया, इसके बाद मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे बढ़े। दरअसल भाजपा के जिला अध्यक्ष के साथ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए हेलीपैड तक जाना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर एंट्री प्रतिबंधित की गई थी। इससे नाराज कार्यकर्ताओं सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध को ध्वस्त करने में लग गए, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बन गया।
घड़ी चौक में लगा मुर्दाबाद का नारा, सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ्तार
समाजसेवियों को उस समय गांधीनगर थाना पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे शहर की खराब सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए रेस्टहाउस में पहुंचे थे। इसके लिए उन्होंने बकायदा समय लिया था। इसके बाद वे ज्ञापन तो वे दे दिए लेकिन अपनी बातों को मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं रख पाए। ऐसे में उन्होंने कार्यक्रम स्थल में मुख्यमंत्री से मिलने की मंशा बनाई थी, लेकिन पुलिस उन्हें कार्यक्रम स्थल की ओर जाने नहीं दी। ऐसे में वे स्वामी विवेकानन्द, घड़ी चौक में मुख्यमंत्री मुर्दाबाद का नारा लगाने लगे। इस पर पुलिस अधिकारी हरकत में आए और सुजान बिंद, राजेन्द्र बहादुर सिंह, अंकुर सिन्हा, सुरेश राम बुनकर सहित छह लोगों को गिरफ्तार करके गांधीनगर थाना ले आई। इसकी जानकारी अन्य लोगों को मिली और थाने में भीड़ जमा होने लगी। सभी थाने में ही धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे, करीब ण्क घंटे बाद इन्हें थाने से विदा कर दिया गया।

Spread the love