शहर के व्यस्त गुदरी बाजार चौक में धमाके से मची भगदड़, बाल-बाल बचे दंपती
अंबिकापुर। शहर में पुलिसिंग का खौफ नहीं रह गया है। आए दिन असामाजिक वारदातें हो रही हैं। त्योहार के मौके पर भी बदमाश प्रवृत्ति के लोग ऐसी हरकतों पर उतारू है, जो किसी के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। दीपावली के मौके पर बेरहमी पूर्वक मारपीट के वायरल वीडियो की आंच ठंडी नहीं हुई थी, इधर छठ पर्व के मौके पर बिगड़ैल प्रवृत्ति के कार सवारों की हरकतों के आगे दंपती की जान आफत में पड़ गई। स्थिति यह थी कि स्कूटी चला रहे युवक का ब्लड प्रेशर हाई हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ गया।
जानकारी के मुताबिक छठ पर्व को लेकर सामानों की खरीदी करने के लिए व्रतियों के स्वजनों की गुदरी बाजार से लेकर शिवाजी चौक तक काफी भीड़ थी। गुदरी बाजार के पास रहने वाले संतोष सिन्हा, रविवार की रात को लगभग 9.30 बजे अपने घर से पत्नी के साथ स्कूटी में छठ पर्व के मौके पर खीर प्रसाद खाने के लिए मिले आमंत्रण में जाने के लिए रात करीब 9.20 बजे निकले थे। घर से कुछ फासले में गुदरी बाजार से लगे शिवाजी चौक में स्थित विजय मेडिकल स्टोर के सामने पहुंचे ही थे कि कार सवार 3-4 बिगड़ैल रईसजादे तेज रफ्तार में चर्च रोड केदारपुर की ओर से पहुंचे और चलती कार से बम जलाकर दंपती की ओर फेंक दिए, जिससे वे अनियंत्रित हो गए। अचानक हुए बम के धमाके से दोनों का कान सुन्न हो गया। हार्ट का पूर्व में सर्जरी होने के कारण उनकी स्थिति कुछ देर तक सोचने-समझने लायक नहीं थी। इस नजारे को आसपास मौजूद लोगों ने देखा और वे दंपती की मदद के लिए आगे बढ़े। कार सवारों को आवाज लगाकर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे पुलिस लाइन की ओर निकल लिए। स्थिति कुछ सामान्य होने पर दंपती ने कार सवारों का पीछा भी किया लेकिन वे पुलिस लाइन, गौरी मंदिर की ओर से तेज रफ्तार में भागने में सफल हो गए। तबियत खराब लगने पर करीब दो घंटे बाद उन्हें स्वजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, इस दौरान चिकित्सक ने ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ने की जानकारी और स्थिति सामान्य नहीं होते तक आपातकालीन चिकित्सा परिसर में भर्ती रहने की सलाह दी। यहां उपचार के बाद देर रात तबियत में कुछ सुधार होने पर चिकित्सक ने उन्हें घर में आराम करने कहा और छुट्टी कर दी। घटनाक्रम से व्यथित संतोष सिन्हा सोमवार को कोतवाली थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दिए। पुलिस को उन्होंने कार का नम्बर भी उपलब्ध कराया है, लेकिन यहां मामले को गंभीरता से नहीं लेने और सुबह 10 बजे आने के बाद से बनी स्थिति को देखने के बाद वे पुलिसिया रवैये से असंतुष्ट नजर आए।
गांधी चौक की ओर से आए थे उद्दंडता करते
संतोष ने बताया कि कार सवार युवकों के हिम्मत की दाद देनी होगी, जिन्हें पुलिस का तनिक भी भय नहीं था। उन्हें पता चला कि कार सवार गांधी चौक की ओर से कई जगह चलती कार से बम फेंककर लोगों की जान को खतरे में डालते घूम रहे थे। गुदरी बाजार से लगे चौक में भीड़ की परवाह किए बिना जिस प्रकार इनके द्वारा बम जलाकर फेंका गया, वह काफी खतरनाक था। धमाका के बाद बनी अफरातफरी और जानलेवा परिस्थिति को नजरअंदाज करना उपद्रवियों और उद्दंडता करने वालों को प्रश्रय देने से कम नहीं है। कानून व्यवस्था का बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को कितना भय है, इस घटना से समझा जा सकता है।

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