जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बीईओ ने कराया जांच
अंबिकापुर। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से बेहतर शिक्षा देने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खोला गया है। यहां आरटीई के तहत काउंसलिंग करके फ्री सीट पर गांव के बच्चों को प्रवेश देकर इन्हें ड्रेस, पुस्तक, जूते सहित अन्य सामग्री प्रदान करने का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है, जिससे इन बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल सके। इसके विपरीत प्राचार्य के द्वारा बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच में लगाए गए आरोपों को सही पाया गया है।
शिकायत में रामनगर ग्राम पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह मरकाम, सानीबर्रा के सरपंच मनबोध सिंह व आठ अन्य ने जिला शिक्षा अधिकारी से की गई शिकायत में डीएवी स्कूल सानीबर्रा के प्रभारी प्राचार्य अभिजीत मंडल के मनमाना रवैया व रुपये की उगाही से अवगत कराया था। बच्चों के पालक भी प्राचार्य के रवैये से असंतुष्ट थे। इनके द्वारा स्कूल प्रबंधन पर पालकों से स्कूल में फ्री प्रवेश के नाम पर 1100 रुपये से लेकर 5100 रुपये तक अवैध वसूली, शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को साल भर से वेतन नहीं मिलने, अयोग्य शिक्षकों को रखने और योग्य शिक्षकों को निकालने, आरटीई के तहत प्रवेश हेतु संस्था में फॉर्म लेकर मनमाफिक बीईओ कार्यालय में जमा करने, फ्री सीट में दाखिल बच्चों को मिलने वाले ड्रेस, पुस्तक और अन्य सामग्री प्रदान नहीं करने का आरोप लगाया गया था। इसकी जांच के डीईओ ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी उदयपुर को निर्देशित किया था, जिस पर जांच का जिम्मा प्राचार्य हाईस्कूल लक्ष्मणगढ़ को दिया गया था। इनके द्वारा सरपंच और ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सही पाने पर जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। वहीं प्राचार्य अभिजीत मंडल ने लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। इनका कहना है कि उन्हें हायर अथॉरिटी के रूल के अनुसार चलना है। उनके द्वारा सभी का लीगल दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है।

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