बीमार होने की स्थिति में अस्पताल के जेल वार्ड में किया गया था भर्ती
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती हत्या के मामले में सजायाफ्ता कैदी, शौचालय जाने के बहाने पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इसकी भनक लगते ही हड़कम्प की स्थिति बन गई। घटना सोमवार को सुबह करीब 6.30 बजे की है। नाकाबंदी करके फरार कैदी के तलाश में पुलिस और जेल की टीम लगी है। बताया जा रहा है कि एक दिन पूर्व ही कैदी की पत्नी और बहनोई उससे मिलने के लिए अस्पताल में आए थे।
जानकारी के मुताबिक मस्तूरी बिलासपुर के ग्राम मल्हार का मुकेश कांत पिता हरप्रसाद 41 वर्ष, हत्या के मामले में सजायाफ्ता कैदी है, जिसे अवांछनीय गतिविधियों के कारण बिलासपुर जेल से केंद्रीय जेल अंबिकापुर में करीब ढाई वर्ष पूर्व शिफ्ट किया गया था। स्वास्थ्य खराब होने पर उसे 4 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में जेल चिकित्सक के निर्देश पर अग्रिम उपचार के लिए भर्ती किया गया था। जेल वार्ड में पहरा दे रहे पुलिस के जवान से अनुमति लेकर वह सोमवार को सुबह करीब 6.30 बजे शौचालय गया। इस दौरान पुलिस कर्मी जेल वार्ड के पिछले गेट में खड़ा होकर उसके आने की राह देख रहा था। इसी बीच वह जेल वार्ड के अंदर गया, इधर कैदी शौचालय से बाहर निकला और ईएनटी वार्ड से होते भाग गया। काफी देर तक जब वह शौचालय से बाहर नहीं आया तो ड्यूटी दे रहा पुलिस का जवान आवाज लगाते शौचालय में गया, तो कैदी नहीं था। इसकी जानकारी वह अपने अन्य साथियों को दिया, और जेल वार्ड के दोनों गेट को बंद करके उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन फरार कैदी का कुछ भी पता नहीं चला। इसकी जानकारी जेल प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद तत्काल नाकाबंदी करके हर संभावित आने-जाने वाले मार्गों से आने-जाने वाली को खंगाला गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक फरार कैदी का पता नहीं चल पाया है।
सीसीटीव्ही कैमरा बेकाम का, बढ़ाई गई चौकसी
पुलिस ने जेल वार्ड से लगे ईएनटी वार्ड और एमसीएच के पीछे स्थित नकीपुरिया परिसर के हर संभावित आने-जाने वाले मार्गों के सीसीटीव्ही को खंगालने का प्रयास किया, लेकिन कैमरा खराब होने के कारण पुलिस को इससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इस घटना के बाद अस्पताल के जेल वार्ड में चौकसी बढ़ा दी गई है। जेल वार्ड में कम्बाइंड शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण भर्ती बंदियों को वार्ड के पिछले दरवाजे से सामने स्थित शौचालय में भेजा जाता है। इस दौरान बरती गई असावधानी के कारण यह घटना हुई। अस्पताल के जेल वार्ड में 10 बेड हैं, जो फुल हैं। भर्ती किए गए कैदी के भागने के बाद एक बेड खाली है।
रिहाई में थे दो साल, एक और अपराध होगा दर्ज
केंद्रीय जेल के अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने बताया कि हत्या के आरोप में सजायाफ्ता कैदी मुकेश कांत 12 साल के लगभग जेल में गुजार चुका है, उसकी रिहाई में दो वर्ष शेष थे। इसके पहले उसके द्वारा ऐसा कदम उठाया गया है, जिस कारण एक और अपराध फरार कैदी के विरूद्ध पंजीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया घटना के समय पुलिस बल की निगरानी में जेल वार्ड था।

Spread the love