गरीबों का मसीहा बने शातिरों ने साइबर ठगी के लिए रचा चक्रव्यूह, 4 और मामले दर्ज
अंबिकापुर। गरीबों का मसीहा बनकर म्यूल एकाउंट खुलवाने और साइबर ठगी के चार मामलों में गांधीनगर थाना पुलिस ने दो आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है। कार्रवाई नोडल अधिकारी साइबर सेल के निर्देशन में की गई।
जानकारी के मुताबिक गौरी सिंह और आरती सिंह दूसरों के घर में काम करके जीवकोपार्जन करती हैं। म्यूल एकाउंट के संदर्भ में चल रही वैधानिक कार्रवाई के दौरान इन्होंने पुलिस को बताया कि सत्तीपारा निवासी बालेश्वर सोनी उनके घर में आना-जाना करता था। दोनों युवतियों ने पूर्व में बंधन बैंक से लोन लिया था, जिसे बैंक को भुगतान करने में उन्हें दिक्कत आ रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर बालेश्वर इन्हें झांसे में लिया और बताया कि सत्तीपारा में रहने वाला उसका दोस्त पहलू मिश्रा गरीब लोगों की मदद करता है। इसके बाद बैंक से लिए गए लोन का भुगतान करवा देने की बात कहकर वह इन्हें विश्वास में ले लिया और अपने साथ महाराष्ट्रा बैंक ले जाकर इनका खाता खुलवाया और मोबाइल सिम निकलवाकर अपने साथ लेकर चला गया। बाद में जब युवतियां लोन का भुगतान करने के लिए उससे संपर्क कीं तो वह इनके घर में आना-जाना छोड़ दिया और अपना मोबाइल भी बंद कर दिया। बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में ही प्रशांत कुमार सिंह के नाम से खाता खोला गया था। इसने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के बालेश्वर सोनी व अनित मिश्रा उर्फ पहलु, फ्री रिचार्ज देने वाला सिम देने का झांसा देकर उसका फोटो लिए, बाद में बैंक खाता खुलवाकर इसका उपयोग वे स्वयं कर रहे थे। पुलिस ने जांच दौरान खाताधारकों का आपराधिक गतिविधि में शामिल होना नहीं पाया है।
पति का इलाज कराने किया आश्वस्त
साफ-सफाई का काम करने वाली श्रीमति पूनम सिंह का पति पिछले 4 वर्ष से लकवा से पीड़ित है। सत्तीपारा निवासी बालेश्वर सोनी उसके घर आकर पति का अच्छे से इलाज करवा देने की बात कहते हुए उसे विश्वास में लिया और एक नया बैंक खाता और सीम खरीदकर देने के लिए कहा। इसके बाद वह स्वयं उसे बैंक ले गया और खाता खुलवाने के बाद एक सीम महिला के नाम से निकलवाकर अपने पास रख लिया। बाद में इलाज हेतु रुपये मांगने पर बालेश्वर सोनी टाल-मटोल करते रहा और अपना मोबाइन फोन बंद करने के साथ ही उसके मोहल्ले में आना-जाना कम कर दिया।
सिंडीकेट बनाकर आपराधिक कूटरचना
पुलिस ने जांच में पाया है कि जिनके नाम से म्यूल खाता खोला गया है, उनकी वर्तमान स्थिति अत्यंत दयनीय है। इनके द्वारा अवैध धन की प्राप्ति की गई हो, ऐसा भी सामने नहीं आया है। आरोपी पहलू उर्फ अमित मिश्रा अपने साथियों के साथ मिलकर गरीब वर्ग के लोगों से उनकी परेशानी में मदद करने का झांसा देकर बैंक में खाता खुलवाया और अवैध धन की प्राप्ति किया। बालेश्वर और पहलू उर्फ अमित मिश्रा के विरूद्ध पूर्व में ऐसे ही मामलों में थाना गांधीनगर व अंबिकापुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी स्थानीय स्तर पर सिडींकेट बनाकर म्यूल खातों के माध्यम से साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे थे। गांधीनगर थाना में इनके विरूद्ध चारों मामलों में धारा 317(4), 318(4), 61(2), 111 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

Spread the love