आत्मदाह की चेतावनी, शासन से लगाई न्याय की गुहार

अंबिकापुर। कई साल से न्यायालय का चक्कर लगाते थक-हार चुका परिवार अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की राह पर चल पड़ा है। इनके द्वारा न्याय की गुहार लगाई गई है, साथ ही आत्मदाह की चेतावनी भी दी गई है। मामला जमीन से जुड़ा है, जिसमें दबंग के द्वारा मकान का निर्माण करने का आरोप है। ऐसे में पीड़ित को सरलतम न्याय कैसे मिल पाएगा, इसके लिए पहल की जरूरत महसूस हो रही है।
मामला लखनपुर विकासखंड के ग्राम लहपटरा का है। पीड़ित ग्रामीण रामाधार पिता कनेश्वर रजवार के पट्टे की भूमि खसरा क्रमांक 571/2 रकबा 0.0033 हेक्टेयर लहपटरा स्कूल में स्थित है। आरोप है कि गांव के दबंग श्यामधारी पिता दामोदर रजवार 55 वर्ष के द्वारा उसके पट्टे की भूमि पर जबरन कब्जा कर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी शिकायत वह लखनपुर तहसील न्यायालय में किया, जिसमें तहसीलदार द्वारा स्थगन आदेश अक्टूबर 2024 में दिया गया था। आरोप है हल्का पटवारी और आरआई मौका जांच करने गांव पहुंचे और किसी को बिना बुलाए पंचनामा तैयार करके जांच रिपोर्ट तहसील न्यायालय में पेश कर दिया। इसके बाद स्थगन आदेश को समाप्त कर दिया गया। आवेदक ने एसडीएम न्यायालय में आवेदन किया। यहां से मामले में जनवरी 2025 में स्थगन आदेश पारित करके उक्त भूमि पर दोनों पक्षों को किसी प्रकार का निर्माण नहीं करने रोक लगाया गया और अनावेदक को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया। एसडीएम न्यायालय में अनावेदक को दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया परंतु उसके द्वारा कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले का निराकरण नहीं होने पर श्यामधारी के द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उक्त भूमि पर मकान निर्माण कर ढलाई का कार्य शुरू कराया जा रहा था। आवेदक पक्ष लखनपुर थाने पहुंचा, यहां से जमीन संबंधित मामला होने पर पुलिस ने धारा 174 के तहत फैना काटकर न्यायालय जाने की सलाह आवेदक को दी। पीड़ित परिवार खुद की जमीन पाने के लिए और कोई रास्ता नहीं मिलने पर 22 सितंबर, सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया है, और न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दिया है। देखना यह है कि ग्रामीण को न्याय मिले, इसके लिए क्या पहल होती है।

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