बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने की हिदायत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में स्थित लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी फिल्ड में जाकर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत रूप से फिल्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गुरूवार को मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रख-रखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देते हुए सभी बांधों की जल भराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही विशेष रूप से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने तथा जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने लक्षित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग की अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में 04 वृहद परियोजनाएं, 357 लघु परियोजनाएं और 300 एनीकेट, कुल 661 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 1036 जीर्णोद्धार कार्य चल रहे हैं। कुल 1697 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें लगभग 8966 करोड़ की राशि व्यय होगी। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके तथा बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग मंडलों के मुख्य अभियंता सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
एक और बालक का शव बरामद, दो अन्य के तलाश में लगी टीम
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के धनेश्वरपुर में स्थित सतबहिनी, लूती बांध फूटने की घटना के बाद गायब लोगों के खोजबीन का सिलसिला जारी है। चार शवों की बरामदगी के बाद एक और बच्चे का शव एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया है। इस प्रकार हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। इधर लूती डैम के टूटने से बनी गंभीर स्थिति की सूचना के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम बुधवार को ही देर शाम सारे कार्यक्रम को निरस्त करके घटनास्थल पहुंचे थे, उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के बाद पीड़ित परिवार और गांव के लोगों से मुलाकात करके उन्हें ढाढस बंधाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करके पशु हानि और फसलों को पहुंची क्षति की जानकारी ली, और सहायता, मुआवजा राशि प्रदान किया। मंत्री रामविचार नेताम ने प्रभावित परिवारों से चर्चा करते हुए कहा कि आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हरसंभव मदद सुनिश्चित करेगी। संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे करके नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी चिकित्सीय सुविधा प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने कहा है। बता दें कि मंगलवार की रात करीब 10-11 बजे मूसलाधार बारिश के बाद करीब 40 साल पुराने लूती बांध का बड़ा हिस्सा टूटकर पानी के बहाव में आ गया था। कुछ परिवार अचानक बनी बाढ़ की स्थिति के बीच घिरकर रह गए थे। कुछ लोग कच्चे मकान के धराशायी होने से मलबे में दब गए थे, जिन्हें रेस्क्यू करके निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आधारभूत संरचना को सहेजने का काम शुरू
बांध के फूटने से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा है, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। पानी के बहाव से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
बालक का शव मिलने से आंखें हुई नम
बुधवार तक सास, बहू और मां-बेटी का शव बरामद करने के बाद एनडीआरएफ की टीम गायब अन्य बच्चों के तलाश में लगी है। लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद इस टीम ने एक और बच्चे का शव बरामद किया है, जिसकी पहचान कार्तिक सिंह पिता गणेश सिंह 6 वर्ष, जाति खैरवार के रूप में की गई है। बच्चे का शव जैसे ही टीम ने सामने लाया, मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। अभी भी दो लोगों का पता नहीं चल पाया है, जिनकी खोजबीन लगातार जारी है। एक ही परिवार के 5 लोगों का शव बरामद होने के बाद गांव में मातमी माहौल है।

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