कृषि मंत्री ने अधिकारियों की ली बैठक, विभागीय योजनाओं का जायजा लेने पहुंचे मौके पर
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने सरगुजा जिला प्रवास के दौरान मंगलवार को अंबिकापुर स्थित विश्रामगृह में जिले के आदिवासी विकास विभाग, कृषि एवं अन्य विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली, और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण ढंग के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही ना हो। बैठक में किसानों के लिए मांग अनुरूप बीज एवं खाद की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए, किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
मंत्री रामविचार नेताम ने पशुपालन विभाग के अधिकारी से चिकित्सकों एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी लेकर कहा कि चिकित्सकों को फिल्ड में भेजें। मत्स्य पालन अधिकारी से उत्पादन एवं वितरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण हेतु बाहर भेजें, प्रशिक्षण के पश्चात उनका फीडबैक लें। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री नेताम ने आश्रम-छात्रावासों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने, आवश्यकता अनुसार आश्रम-छात्रावासों में रंग-रोगन कराने कहा।
एक किसान प्रशिक्षित होगा, तो सौ सीखेंगे
जिला प्रवास के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने शासकीय उद्यान रोपणी का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बीज अंकुरित कक्ष में हार्ड़ीनिंग चैम्बर, कूलिंग चेम्बर में टमाटर और करेले के पौधों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न स्ट्रक्चर, पॉलीहाऊस, शेडनेट इत्यादि का अवलोकन किया और रोपणी में हो रहे पौधों के उत्पादन कार्य व पौधों के उचित रखरखाव हेतु आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपस्थित उद्यान अधीक्षकों को किसानों के मांग अनुरूप सब्जियों की सीडलिंग करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को उत्तम किस्म के पौधे प्राप्त हों, उनके उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो और कृषि से ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले। साथ ही विभाग को निर्देशित किया कि जल्द से किसानों को खेती और पौधों के रख-रखाव का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा एक किसान प्रशिक्षित होगा तो 100 किसान उससे सीखेंगे। नेताम ने सूकर पालन प्रक्षेत्र एवं कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र का निरीक्षण करके यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने कहा। निरीक्षण के दौरान अनिल जायसवाल, हैप्पी सिंह सुनील बघेल व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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