बलरामपुर। जिले में इन दिनों चंगाई सभाओं का आयोजन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। रविवार को सामरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इदरीपाठ में आयोजित चंगाई सभा ने एक बार फिर विवाद को जन्म दे दिया। बताया जा रहा है कि लगातार तीसरी बार इस गांव में चंगाई सभा का आयोजन किया गया। प्रदेश मंत्री भाजपा युवा मोर्चा अंकुश सिंह को कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो सामने आया कि करचा क्षेत्र से आए एक पास्टर द्वारा सभा में मौजूद 50 से 60 ग्रामीणों को बीमारी से मुक्ति और चमत्कारिक उपचार का दावा करके प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। सभा में पास्टर दिव्यांग को चला देने और लोगों की बीमारियों से मुक्त कर देने का दावा कर रहे थे। इस दौरान यह भी सामने आया कि चंगाई सभा में वन विभाग एवं जनपद पंचायत कार्यालय में पदस्थ कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। मौके पर पहुंची पुलिस चंगाई सभा में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मौके से एक अवैध ईंट भ_ा और ट्रैक्टर में लोड ईंट को जप्त किया गया है। बताया जा रहा है कि जिस घर में सभा का आयोजन किया गया था, वह भी अवैध कब्जे में है, इसकी भी जांच हो रही है। इस मामले में दो लोगों के विरूद्ध धारा 299, 3-5 बीएनएस, छत्तीसगढ़ स्वतंत्रता धार्मिक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, और इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है।
हिंदुओं के देवी-देवताओं का अपमान, भटगांव थाने में केस दर्ज
सूरजपुर जिला के भटगांव थाना अंतर्गत एक ग्रामीण के यहां चंगाई सभा के दौरान धार्मिक प्रचार और हिंदु धर्म के देवी-देवाताओं के बारे में अनर्गल टिप्पणी करने से क्षुब्ध ग्रामीण ने थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने 5 लोगों के विरूद्ध बीएनएस की धारा के तहत केस दर्ज करके वैधानिक कार्रवाई की है।
भटगांव थाना में ग्राम बुंदिया के रामानंद बरगाह पिता रामप्यारे 26 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराया है कि गांव के सरनापारा में मंगल साय टोप्पो अपने परिवार के साथ रहता है। 31 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे उसके घर में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें उसे व गांव के कुछ अन्य लोगों को बुलाया गया था। मंगल साय के घर में प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सौतार से पादरी कलम साय, मंगल साय, बिहानू, फादर कुजूर व महात्मा गोड़ आए थे, और ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे। इस दौरान हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं को अपमानित किया जा रहा था। इनका कहना था कि ईसाई धर्म को जो हिन्दू अपनाता है, मानता है, उसका सारा कष्ट, रोग, बाधा दूर हो जाता है। ईसाई धर्म मानने वालों को हम लोग आर्थिक रूप से मदद भी करते हैं। इनका कहना था कि हिन्दु धर्म को मानने वाले सदैव रोग, बीमारी, गरीबी से परेशान रहते हैं।

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