वर्तमान में शहर में लगे 90 सीसीटीव्ही कैमरे में 55 खराब, 35 कैमरों के भरोसे शहरअंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में अपराधियों पर नकेल कसने और शहर में होने वाली अवांछनीय गतिविधियों की निगरानी के लिए लगाए गए अधिकांश सीसीटीव्ही कैमरे खराब हैं। आने वाले समय में दशहरा, दीपावली जैसे बड़े पर्वों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के द्वारा प्राथमिकता देते हुए खराब कैमरों को दुरूस्त कराने की पहल की जा रही है। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट में उच्च मानक के हाई रिजॉल्यूशन सीसीटीव्ही कैमरा लगाने की तैयारी पुलिस प्रशासन कर रहा है। वर्तमान हालात पर गौर करें तो शहर में विभिन्न स्थानों पर लगे लगभग 90 कैमरों में सर्वे के दौरान 55 कैमरे मरम्मत योग्य पाए गए हैं। ऐसे में शहर की पूरी तरह से सीसीटीव्ही कैमरे से निगरानी नहीं हो पा रही है। पुलिस की योजना शहर में प्रमुख 6 प्रवेश और निकासी मार्गों में उच्च रिजॉल्यूशन कैमरा लगाने की है, इसे एएनपीआर (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान ) कैमरा कहते हैं। यह कैमरा ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन का उपयोग करके वाहन के लाइसेंस प्लेटों को स्वचालित रूप से पढ़ता है और डिजिटल रूप से टेक्स्ट में परिवर्तित कर लेता है।
बता दें कि सरगुजा पुलिस ने शहर के हर प्रमुख मार्ग, चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, इन कैमरों से शहर के कोने-कोने की मॉनीटरिंग पुलिस कंट्रोल रूम में बनाए गए कक्ष से की जाती है। कई बार ये कैमरे किसी घटना के दौरान काफी उपयोगी भी साबित होते आए हैं। ज्यादातर कैमरे बंद रहने के कारण 35 कैमरों की नजर में शहर के 48 वार्ड हैं। ऐसे में पुलिस को क्राइम कंट्रोल करने में परेशानी होना लाजिमी है। हालांकि शहर के निजी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, भवनों में लगे सीसीटीव्ही को खंगालकर पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में गाहे-बगाहे कामयाब हो जाती है। इसके बाद भी कोई सड़क दुर्घटना या आपराधिक वारदात हो तो सुरक्षा की दृष्टि से आम स्थलों पर पुलिस के द्वारा लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे काफी काम के साबित होते हैं। इसमें रिकॉर्ड घटनाक्रम के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलती है। कैमरे के बंद रहने की स्थिति में घटनास्थल का फुटेज प्राप्त करने के लिए पुलिस को इधर-उधर हाथ-पांव मारना पड़ता है। वर्तमान में हुए सर्वे के दौरान 55 सीसीटीव्ही कैमरों को मरम्मत योग्य पाए जाने पर पुलिस इनके सुधार के लिए पहल शुरू कर दी है। इनमें से करीब 50 कैमरे आगामी 3 से 4 दिन में काम करने लगेंगे, ऐसा जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का दावा है। बताया जा रहा है कि इन कैमरों में से किसी का केबल खराब हो गया है, तो को कोई कैमरा मामूली कमियों के कारण बेकाम का हो गया है। ऐसी स्थिति मेंटनेंस में कमी को भी सामने ला रही है। कुछ कैमरे बारिश, पानी में खराब हो गए हैं। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से 45 नए कैमरे चिन्हांकित जगहों में लगाने की योजना है। दशहरा के पूर्व कैमरों को दुरूस्त करने के साथ नए कैमरों को लगवाने की पहल पुलिस अधिकारियों ने शुरू कर दी है, जिससे शहर का अधिकांश हिस्सा सीसीटीव्ही की निगरानी में रहेगा। पुलिस का ध्यान ऐसे चिन्हांकित स्थलों को कैमरे में दायरे में लाने की है, जो अपराध के लिए चर्चित हैं। इससे पुलिस को बिना किसी सूचना के ऐसे स्थलों में पहुंचने में मदद मिलेगी, और असामाजिक गतिविधियों में लगे लोगों के बीच दहशत का माहौल बनेगा।
शहर में एंट्री और एग्जिट मार्ग में लगेंगे उच्च मानक के कैमरे-एएसपी
फोटो-अमोलक सिंह ढिल्लो
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि अपराध पर नकेल कसने और किसी प्रकार की घटना, दुर्घटना की स्थिति में वाहन चालकों का पता लगाने के लिए 6 एएनपीआर कैमरे शहर के हर एंट्री और एक्जिट मार्ग पर लगाए जाएंगे। वर्तमान में इन मार्गों में 3 कैमरे लगे हैं, जिसमें से एक खराब है। पहले अलग-अलग मॉडल और कंपनी का कैमरा लाकर परीक्षण किया जाएगा, इसके बाद उच्च क्षमता के कैमरे शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों पर लगाए जाएंगे। इस कैमरे से दुर्घटना या किसी अन्य घटना को अंजाम देकर भागने वाले अपराधियों का वाहन नंबर ट्रेस करने में सहूलियत होगी।
दुकान, मकान के साथ सड़क की ओर हो कैमरे का रूख
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शहर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और निजी भवनों में कैमरा लगवाते समय यह ध्यान रखने की जरूरत है कि कैमरा उनके दुकान, मकान के साथ ही वाह्य माहौल को भी कवर कर सके। अगर रोड की ओर कैमरे का रूख रहेगा, तो आने-जाने वालों का पता चल पाएगा, और किसी प्रकार के अपराध की परिस्थिति में अपराधियों, बदमाशों तक पहुंचना आसान होगा। वर्तमान में बिलासपुर की कंपनी के पास कैमरों के मेंटनेंस का जिम्मा है, उनकी टीम सर्वे के बाद 55 कैमरों के काम नहीं करने की जानकारी दी है, जिसमें से 50 कैमरे आगामी 4 से 5 दिन में सुधार लिए जाएंगे।

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