कलेक्टर से कार्रवाई की मांग करते हुए 11 सूत्रीय शिकायत पत्र सौंपा
बलरामपुर। बलरामपुर जिले का सेवारी आदिम जाति सेवा सहकारी समिति इन दिनों घोटालों के चलते सुर्खियों में है। समिति प्रबंधक पर भ्रष्टाचार, अनियमितता, पक्षपात और मर्यादा विहीन गतिविधियों के संगीन आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर 11 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि समिति कार्यालय अब किसानों की सेवा का केंद्र न होकर भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। कुछ दिन पूर्व ही समिति प्रबंधक को अपने कर्मचारियों के साथ महुआ शराब और मुर्गा पार्टी करते ग्रामीणों ने रंगे हाथ कैमरे में कैद किया था। यह वीडियो अब सामने आ चुका है, जिससे समिति कार्यालय की वास्तविकता उजागर हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि समिति प्रबंधक मुकुंदराम केवल 8वीं पास है, जबकि पद के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य है, उसकी नियुक्ति संदिग्ध बताई गई है। आरोप है कि प्रबंधक ने समिति में अपने भतीजे-भांजे और रिश्तेदारों को बिना विधिक प्रक्रिया के नौकरी पर रख लिया है। धान खरीदी के समय किसानों से टोकन जारी करने के नाम पर रुपये वसूले जाते हैं, जो किसानों का खुला शोषण है। इसी प्रकार खाद वितरण में सरकारी दर से अधिक पैसा लिया जाता है। धान तौलाई, सिलाई और ढुलाई में भी बड़े पैमाने पर गबन किया जा रहा है। किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित राशि नहीं दी जाती, उल्टे उन्हें प्रति बोरी 20 रुपये की दर से मजदूर लगाकर कार्य कराना पड़ता है।
मर्यादा विहीन गतिविधियों का अड्डा बना
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समिति परिसर में रात-दिन शराबखोरी और मुर्गा पार्टी का सिलसिला चलता है। इससे समिति की छवि धूमिल हो रही है और किसानों का भरोसा टूट रहा है। शिकायत कर्ताओं ने बताया है कि किसानों के नाम पर बिना जानकारी के ऋण स्वीकृत कर दिए गए हैं, बाद में उसकी वसूली उन्हीं किसानों से जबरन की जाती है। किसान विरोध करते हैं तो उन्हें प्रबंधक द्वारा डराया-धमकाया जाता है। धान खरीदी में भी भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। आरोप है कि प्रबंधक अपने परिचितों और रिश्तेदारों को पहले बोरी उपलब्ध कराता है और घर से ही धान भरकर सीधे ट्रक में लोडिंग करा लेता है। बाकी किसान घंटों लाइन में खड़े होकर परेशान होते रहते हैं। इसी प्रकार खाद का बड़ा हिस्सा बाहर के व्यापारियों को बेच दिया जाता है, जिससे पंजीकृत किसान खाद से वंचित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि समिति की इन अनियमितताओं से किसान आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि धान खरीदी केंद्र को सेवारी से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। ग्राम पंचायत इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने को तैयार है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर आधा दर्जन से अधिक पंचायतों और जनपद सदस्यों ने भी सहमति जताई है।

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