सरगुजा पुलिस ने 60 नग मोबाइल फोन बरामद करके वास्तविक मालिकों को सौंपा
अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना, चौकी क्षेत्रों से गुम 60 नग मोबाइलों को बरामद करके वास्तविक मालिकों के सुपुर्द किया है। बरामद किए गए मोबाइलों की कीमत 8 लाख रुपये से अधिक है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधितों को मोबाइल सौंपा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में साइबर सेल की टीम गुम हुए मोबाइल फोन के खोजबीन में लगी थी। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो एवं नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में साइबर सेल पुलिस की टीम सर्विलांस तकनीक से 60 गुम मोबाइल फोन को बरामद करके उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में सफल हुई। मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इन्हें उम्मीद नहीं थी कि गुम हुआ मोबाइल उन्हें मिल पाएगा, लेकिन जब पुलिस ने आवेदन में दिए गए मोबाइल नंबरों में संपर्क करके इनसे गुम हुए मोबाइल को प्राप्त करने का आग्रह किया, तो वे दौड़े-दौड़े पुलिस अधीक्षक सरगुजा के कार्यालय पहुंच गए। पुलिस ने जिन मोबाइल फोन को प्राप्त किया है, उनमें से अधिकतर फोन भीड़भाड़ वाले इलाकों में खो गए थे, जो बाद में ट्रैक कर वापस मंगवाकर पुन: मोबाइल मालिकों को वापस किया गया। आवेदकों ने ऑनलाइन पोर्टल पर मोबाइल फोन खोने की शिकायत दर्ज कराई थी, इनमें से अधिकतर मामले बाजारों, सब्जी मंडियों, चौक-चौराहे, यात्रा के दौरान और मंदिरों के पास से गुम होने के सामने आए थे। पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए इन मोबाइल फोनों को ट्रैक करके बरामद किया था। गुम मोबाइल मालिकों को वापस दिलाने चलाए गए वृहद अभियान को साकार करने में साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक अनुज जायसवाल, अशोक यादव, रमेश राजवाड़े, विकाश मिश्रा, मनीष सिंह सक्रिय रहे।
सावधानी बरतने की अपील
सरगुजा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल फोन का विशेष ध्यान रखें। अगर फोन गुम हो जाए तो पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम एवं अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम मोबाइल फोन को खोजने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा। मोबाइल गुमने पर आवेदक इसकी रिपोर्ट संचार साथी एप्लीकेशन अथवा सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से स्वयं कर सकते हंै।

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