बंद कमरे में घंटों चली जांच, पूर्व में ईडी की टीम भी कर चुकी है छापामार कार्रवाई

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला सहित अन्य मामलों को लेकर एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा है। कब किसके यहां टीम आ धमकेगी, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। टीम ने दंतेवाड़ा, सुकमा, अंबिकापुर, जगदलपुर और रायपुर में एक साथ रेड की कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुबह 6 बजे से ही टीम जगह-जगह डटी रही। रेड की कार्रवाई दौरान क्या हासिल हुआ, इसका पर्दाफास नहीं हो पाया है। टीम छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस सहित अन्य मामलों को खंगाल रही है।
इसी क्रम में एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम शहर के ब्रह्मरोड स्थित सेठ बसंतलाल मार्ग में कपड़ा कारोबारी व सप्लायर फर्म के निवास पर शनिवार की अलसुबह संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई की। सप्लायर फर्म धजाराम-विनोद कुमार अग्रवाल के नाम से है। इसके संचालक अशोक अग्रवाल व मुकेश अग्रवाल हैं। इन पर डीएमएफ मद से करोड़ रुपये की सप्लाई में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। दोनों के खिलाफ डीएमएफ घोटाले में एफआईआर भी दर्ज है। इसके पूर्व ईडी की टीम कारोबारी भाइयों के घर छापा मार चुकी है। बताया जा रहा है कि शनिवार की सुबह करीब 4 बजे एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम इनके निवास पर दो गाडिय़ों में पहुंची और दरवाजा खुलवाकर जांच शुरु की। घर के किसी भी सदस्य को बाहर नहीं निकलने दिया गया। दरवाजा बंद करके टीम दस्तावेज खंगालने के अलावा कारोबारी भाइयों से पूछताछ की है। दोनों पर डीएमएफ घोटाले में एफआईआर दर्ज है। बताया जा रहा है कि सप्लायर फर्म धजाराम विनोद कुमार के संचालकों द्वारा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासनकाल में महिला बाल विकास विभाग व आदिम जाति कल्याण विभाग में करोड़ों रुपये की सप्लाई की थी। इनका नाम डीएमएफ घोटाले की एफआईआर में भी दर्ज है। बता दें कि पूर्व में धजाराम विनोद कुमार सप्लायर फर्म के संचालकों मुकेश अग्रवाल व अशोक अग्रवाल के घर में ईडी की टीम भी छापा मार चुकी है। ईडी की टीम ने इनके यहां से काफी दस्तावेज जब्त किए थे। शनिवार को बंद मकान में हुई कार्रवाई का भी जल्द ही पर्दाफास होगा।  

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