परेशान हितग्राही पहुंचे थाना, आरोपी पति-पत्नी की करतूत से पुलिस को अवगत कराया
छ.ग.फ्रंटलाइन  
अंबिकापुर। महिला स्व सहायता समूहों के नाम पर ऋण निकालकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। ऋण की राशि के लिए विभिन्न बैंकों के द्वारा दबाव बनाने पर परेशान हितग्राही थाना पहुंचे। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है।
गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बलसेढ़ी की सितारा मानिकपुरी पत्नी अरूण कुमार 24 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि मधुमिता पाल पत्नी मनेन्द्रपाल 40 वर्ष व मनेन्द्र पाल पिता महेश पाल 42 वर्ष दोनों वार्ड क्रमांक 8, थाना गांधीनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोप है कि इनके द्वारा अंबिकापुर के कई वार्डों में महिला स्व सहायता समूह बनाकर सभी समूहों के नाम विभिन्न बैंकों से महिला सदस्यों के नाम से 40 से 45 हजार रुपये वर्ष 2024 के अलग-अलग महीनों में ऋण निकाला गया और प्रत्येक महिला समूह के सदस्यों को 10-10 हजार रुपये देकर बाकी रकम स्वयं रख लिया। इनके द्वारा कहा गया कि ऋण का किश्त वे स्वयं अदा करेंगे। 10 हजार रुपये यह कहते हु ए दिया गया कि यह राशि उन्हें रोजगार भत्ता के रूप में सरकार के तरफ से प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में स्टांप पेपर पर लिखकर यह दिया गया कि रोजगार भत्ता प्रत्येक सदस्यों को 10 हजार रुपये दिया जा रहा है। ऋण की राशि को एनयूएलएम ऑफिस एवं वार्ड सी.आर.पी मधुमिता पाल के द्वारा अदा किया जाएगा। यदि ऋण के संबंध में बैंक की ओर से कोई मांग पत्र आता है तो इसकी जिम्मेदारी एनयूएलएम ऑफिस एवं वार्ड सी.आर.पी. मधुमिता पाल होगी। बताया गया है कि इनके द्वारा विभिन्न वार्ड में लगभग 30-40 महिला समूहों के प्रत्येक सदस्यों के नाम 40 से 50 हजार रुपये ऋण प्राप्त किया गया है। बैंक द्वारा सभी समूहों के सदस्यों से वसूली हेतु दबाव बनाकर गालीगलौज किया जा रहा है। विभिन्न महिला समूहों के सदस्यों कलावती, आशा विश्वास, रेखा, रजमन बाई, लक्ष्मनिया, सविता पासवान, सरिता देवी, आशा किण्डो, अनिता तिर्की, विसुन्ति देवी, लक्ष्मी गुप्ता, मिथला यादव, हेमलता, लीलावती, श्यामपति, संयुक्ता कंसारी, अनिता देवी, पूर्णिमा कुमारी, मुन्नी देवी, सोना देवी, सरिता मांझी, मानमति, अर्चना, सुनिता ठाकुर, महिमा, शशि रोशन, मोनिका का लगभग 15 लाख् रुपये गबन कर ऋण की राशि अदा नहीं करने से पुलिस को अवगत कराया गया है, जिससे महिला सदस्यों को प्रतिदिन मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। महिला समूह के सदस्यों द्वारा इनसे ऋण की राशि अदा करने के लिए कहा गया तो 12.03.2025 को 15 मई 2025 तक विभिन्न महिला समूह के सदस्यों के नाम से निकाली गई ऋण की राशि अदा करने के संबंध में नोटरी के समक्ष अनुबंधपत्र इन्होंने स्वेच्छा से निष्पादित किया था, जिसमें ऋण की राशि अदा नहीं करने पर अपनी संपत्ति का विक्रय करके ऋण अदा करने की बात कही गई थी। अनुबंध पत्र निष्पादित करने के बाद भी ऋण की राशि अदा नहीं की गई और वर्तमान में वे रुपये की व्यवस्था नहीं होने की बात कहते हुए टाल-मटोल कर रहे हंै। इनके द्वारा छल करते हुए महिला समूह के सदस्यों के नाम ऋण की राशि निकालकर गबन करने का आरोप लगाते हुए अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई करने और ऋण की राशि अदा करवाने का आग्रह किया गया है।परेशान हितग्राही पहुंचे थाना, आरोपी पति-पत्नी की करतूत से पुलिस को अवगत कराया
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अंबिकापुर। महिला स्व सहायता समूहों के नाम पर ऋण निकालकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। ऋण की राशि के लिए विभिन्न बैंकों के द्वारा दबाव बनाने पर परेशान हितग्राही थाना पहुंचे। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है।
गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बलसेढ़ी की सितारा मानिकपुरी पत्नी अरूण कुमार 24 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि मधुमिता पाल पत्नी मनेन्द्रपाल 40 वर्ष व मनेन्द्र पाल पिता महेश पाल 42 वर्ष दोनों वार्ड क्रमांक 8, थाना गांधीनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोप है कि इनके द्वारा अंबिकापुर के कई वार्डों में महिला स्व सहायता समूह बनाकर सभी समूहों के नाम विभिन्न बैंकों से महिला सदस्यों के नाम से 40 से 45 हजार रुपये वर्ष 2024 के अलग-अलग महीनों में ऋण निकाला गया और प्रत्येक महिला समूह के सदस्यों को 10-10 हजार रुपये देकर बाकी रकम स्वयं रख लिया। इनके द्वारा कहा गया कि ऋण का किश्त वे स्वयं अदा करेंगे। 10 हजार रुपये यह कहते हु ए दिया गया कि यह राशि उन्हें रोजगार भत्ता के रूप में सरकार के तरफ से प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में स्टांप पेपर पर लिखकर यह दिया गया कि रोजगार भत्ता प्रत्येक सदस्यों को 10 हजार रुपये दिया जा रहा है। ऋण की राशि को एनयूएलएम ऑफिस एवं वार्ड सी.आर.पी मधुमिता पाल के द्वारा अदा किया जाएगा। यदि ऋण के संबंध में बैंक की ओर से कोई मांग पत्र आता है तो इसकी जिम्मेदारी एनयूएलएम ऑफिस एवं वार्ड सी.आर.पी. मधुमिता पाल होगी। बताया गया है कि इनके द्वारा विभिन्न वार्ड में लगभग 30-40 महिला समूहों के प्रत्येक सदस्यों के नाम 40 से 50 हजार रुपये ऋण प्राप्त किया गया है। बैंक द्वारा सभी समूहों के सदस्यों से वसूली हेतु दबाव बनाकर गालीगलौज किया जा रहा है। विभिन्न महिला समूहों के सदस्यों कलावती, आशा विश्वास, रेखा, रजमन बाई, लक्ष्मनिया, सविता पासवान, सरिता देवी, आशा किण्डो, अनिता तिर्की, विसुन्ति देवी, लक्ष्मी गुप्ता, मिथला यादव, हेमलता, लीलावती, श्यामपति, संयुक्ता कंसारी, अनिता देवी, पूर्णिमा कुमारी, मुन्नी देवी, सोना देवी, सरिता मांझी, मानमति, अर्चना, सुनिता ठाकुर, महिमा, शशि रोशन, मोनिका का लगभग 15 लाख् रुपये गबन कर ऋण की राशि अदा नहीं करने से पुलिस को अवगत कराया गया है, जिससे महिला सदस्यों को प्रतिदिन मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। महिला समूह के सदस्यों द्वारा इनसे ऋण की राशि अदा करने के लिए कहा गया तो 12.03.2025 को 15 मई 2025 तक विभिन्न महिला समूह के सदस्यों के नाम से निकाली गई ऋण की राशि अदा करने के संबंध में नोटरी के समक्ष अनुबंधपत्र इन्होंने स्वेच्छा से निष्पादित किया था, जिसमें ऋण की राशि अदा नहीं करने पर अपनी संपत्ति का विक्रय करके ऋण अदा करने की बात कही गई थी। अनुबंध पत्र निष्पादित करने के बाद भी ऋण की राशि अदा नहीं की गई और वर्तमान में वे रुपये की व्यवस्था नहीं होने की बात कहते हुए टाल-मटोल कर रहे हंै। इनके द्वारा छल करते हुए महिला समूह के सदस्यों के नाम ऋण की राशि निकालकर गबन करने का आरोप लगाते हुए अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई करने और ऋण की राशि अदा करवाने का आग्रह किया गया है।

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