असुरक्षित यात्रा करने से बचें वाहन चालक, तभी थमेगी हादसों की रफ्तार
फोटो-सरगुजा में हुए एक्सीडेंट का कोई अच्छा फोटो नेट से निकालकर लगा देंगे  

अंबिकापुर। सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2024 में 366 लोगों की मौत हुई और 488 घायल हो गए, वहीं चालू वर्ष 2025 में चार माह में 197 सड़क हादसे हुए, इनमें 112 लोगों की जान गई, 175 घायल हुए हैं। यह आंकड़ा सिर्फ सरगुजा जिले का है, जहां हादसों को रोकने की तमाम कवायदें पुलिस व यातायात विभाग के आला अधिकारी कर रहे हैं, फिर भी स्वयं की लापरवाही, मालवाहकों में यात्रियों के परिवहन, क्षमता से अधिक यात्रियों के परिवहन व दोपहिया चालकों के द्वारा लम्बी दूरी तय करते समय हेलमेट का उपयोग नहीं करने से लोगों को अधिकतर हेड इंज्यूरी जैसी परिस्थितियों में जान गंवानी पड़ रही है। ब्लैक स्पॉट सहित जिले के कई मार्गों में सड़कों का मानक के अनुरूप नहीं होना भी दुर्घटनाओं का कारक है। सरगुजा पुलिस के रिकार्ड पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में जनवरी से दिसम्बर के बीच कुल 614 प्रकरण दर्ज किए गए, इसमें से 366 लोगों की मौत हुई, इनमें से 334 लोगों की मृत्यु दुर्घटना के परिणामस्वरूप 30 दिनों के अंतराल में हुई है। 63 लोगों को गंभीर और 425 लोगों को मामूली चोटें आई थी। हादसों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इन सबके बीच पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग के द्वारा सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा जैसे अभियान भी चलाए गए। जागरूकता रथ को गांव-गांव तक भेजा गया, ताकि लोग स्वयं के जीवन की सुरक्षा के लिए जागरूक हों।
असुरक्षित सफर बना जीवनचर्या का हिस्सा
देखने को यह मिल रहा है कि असुरक्षित सफर लोगों की जीवनचर्या का हिस्सा बन चुका है। विशेषकर सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों में मालवाहकों या यात्री वाहनों में जान जोखिम में डालकर लोग सफर करते नजर आते हैं। सड़क हादसों के लिहाज से सरगुजा के नेशनल हाइवे बेहद संवेदनशील हैं। सरगुजा से बनारस, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की ओर भारी वाहनों का आना-जाना होता है, जिस कारण यातायात के दबाव की स्थिति बनी रहती है। इन सबके बीच जिले की बदहाल सड़कें भी काफी हद तक हादसों के लिए जिम्मेदार है।
मौत और घायलों के आंकड़े चौंकानेवाले
वर्ष 2025 में हुए सड़क हादसों पर गौर करें तो जनवरी से 30 अप्रैल के बीच 112 मौतें हुई, इनमें से 104 लोगों ने इलाज के दौरान 30 दिन की अवधि में दम तोड़ा है। गंभीर परिस्थिति में लाए गए पीड़ितों की संख्या 7 और मामूली रूप से घायल 168 रहे। वहीं वर्ष 2024 में 50 या अधिक सड़क हादसों का आंकड़ा माह फरवरी में 54, मार्च व अप्रैल में 50-50, मई में 51, जुलाई में 55, दिसम्बर में 59 रहा। सर्वाधिक 68 हादसे माह नवम्बर में हुए, जिसमें से 41 लोगों की मौत हो गई। वर्ष 2025 का जनवरी माह भी सड़क हादसों को लेकर कमतर नहीं रहा। इस माह 60 सड़क दुर्घटनाएं और 32 लोगों की मौत हुई। मार्च माह में 63 दुर्घटनाएं और 43 लोगों की मौत हुई। फरवरी में 31 हादसे और 17 मौत, अप्रैल में 43 हादसे और 20 मौतें हुई।
बयान
फोटो-अमलोक सिंह ढिल्लो
सरगुजा पुलिस सड़क हादसे को रोकने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है। भारी वाहनों से लेकर ओवर स्पीड तक के मामले में कार्रवाई की जा रही है। आम लोगों को भी खुद की सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा। बीते वर्ष पुलिस ने सड़क हादसों के 614 प्रकरण दर्ज किए गए हैं वहीं 2025 के 4 माह में 197 सड़क हादसों का मामला दर्ज हुआ है।
अमोलक सिंह ढिल्लो, एएसपी सरगुजा

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