अंबिकापुर। शहर के नमनाकला में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है। भागवत कथा 17 मई से 24 मई तक चलेगी। प्रतिदिन शाम 5 बजे से कथा शुरू होगी। जय मां दुर्गे परिवार के द्वारा इस भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यहां श्रीश्री 1008 पंडित रवीश पाण्डेय कथा वाचन करेंगे। प्रतिदिन गुरु भाई, आचार्य एवं श्रद्धालु आयोजन में शामिल होकर श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
आयोजन समिति ने बताया की श्रद्धालुओं के लिए समुचित बैठक, पेयजल, प्रसाद व वाहन पार्किंग की बेहतर व्यवथा कर ली गई है। सभी धर्मावलम्बियों से कथा में शामिल होने का आग्रह समिति ने किया है। महिलाओं के लिए अलग बैठक व्यवस्था की गई है। कथा के पहले दिन शाम 4 बजे से दुर्गा मंदिर गांधी चैक से कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें महिलाओं से शामिल होने का आग्रह किया गया है। कथा का आयोजन नमनाकला रिंग रोड में कार्मेल स्कूल के गेट के सामने वाली गली में होगा। जय मां दुर्गे परिवार अपने धार्मिक आयोजनों में सामाजिक समरसता का संदेश देने का प्रयास करता है। बीते वर्षों में हुई भागवत कथा में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाते हुए दोना पत्तल व कुल्हड़ का उपयोग कर समाज को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया था। इस बार की कथा में भी एक ऐसा सामाजिक सन्देश दिया जा रहा है, जो आर्थिक भिन्नता को दूर करने में सहायक साबित हो सकता है। भागवत कथा में आयोजन समिति मितव्ययता का उदाहरण प्रस्तुत करेगी, जिससे समाज के हर वर्ग का व्यक्ति भागवत कथा कराने हेतु प्रेरित हो सके और धर्म के नाम पर दिखावा जैसी परम्पराओं से बाहर आ सकें।
इस कथा में श्रद्धालु श्रीमदभागवत ज्ञान के साथ-साथ गुरुदेव के श्री मुख से सनातन के अन्य गूढ़ रहस्यों को भी सुन सकेंगे। जीवन को बेहतर और स्वास्थ्य बनाने के लिए जरूरी उपदेश भी कथा के साथ सुनने को मिलेगा। जय माँ दुर्गे परिवार आदि शक्ति के उपासकों का एक समूह है, ये परिवार गुरु शिष्य परम्परा का निर्वहन करते हुए काम करता है। आचार्य संप्रदाय के गुरु श्री श्री 1008 पंडित रवीश पाण्डेय इस संप्रदाय के गुरु हैं। करगी रोड से करीब 20 किलोमीटर दूर लोरमी जिले के ग्राम गमजू में इनका आश्रम है। आश्रम में दोनों नवरात्र और गुरु पूर्णिमा के दिन सैकड़ों की संख्या में गुरु भाई व श्रद्धालु पहुंचते हैं और आश्रम में ही रहकर पूजा-पाठ करते हैं। विशेष अनुष्ठानों के बाद गुरुदेव अपने निवास मुंगेली में रहते हैं, यहां वे दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक लोगों से मुलाकात करते हैं।

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